Padma Awards 2026: भारत सरकार ने साल 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस बार भी पद्म सम्मान उन गुमनाम नायकों को समर्पित किया गया है जिन्होंने साहित्य, शिक्षा, समाजसेवा, चिकित्सा, कला और जनकल्याण जैसे क्षेत्रों में वर्षों तक निस्वार्थ भाव से देश और समाज की सेवा की है। ये ऐसे लोग हैं, जिनका काम भले ही सुर्खियों में न रहा हो, लेकिन जिनका योगदान समाज की नींव को मजबूत करता है।
सूत्रों के मुताबिक, पद्म पुरस्कार 2026 (Padma Awards 2026) के लिए एक प्रारंभिक सूची सामने आई है। हालांकि, पूरी और आधिकारिक सूची केंद्र सरकार द्वारा शाम को जारी की जाएगी, इसके बाद पुरस्कार विजेताओं को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किया जाएगा। लेकिन सामने आए नामों ने पहले ही लोगों का ध्यान खींच लिया है।
साहित्य, शिक्षा और समाजसेवा में योगदान
प्रारंभिक सूची के अनुसार, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए अंके गौड़ा, बृजलाल भट्ट, बुधरी ताती, भगवान दास रायकवार, धार्मिक लाल चुन्नी लाल पांड्या, डॉ. श्याम सुंदर, चरण हेम्ब्रम और के. पाजनिवेल जैसे नाम शामिल हैं। इन लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में दशकों तक निरंतर सेवा की है।
चिकित्सा, कला और जनकल्याण के नायक
चिकित्सा और समाजसेवा के क्षेत्र में डॉ. पुन्नियामूर्ति नटेसन (तमिलनाडु), गफरुद्दीन मेवाती (राजस्थान), डॉ. आर्मिडा फर्नांडिस (महाराष्ट्र), भिकल्या लाडक्या ढिंडा, चिरंजी लाल यादव (उत्तर प्रदेश), डॉ. कुमारस्वामी थंगराज (तेलंगाना) और डॉ. पद्मा गुरमेट (जम्मू-कश्मीर) जैसे नाम चर्चा में हैं। इन लोगों ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाया, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की मजबूत नींव भी रखी।
#UPDATE | सूत्रों के अनुसार, पद्म पुरस्कार 2026 के तहत पद्म श्री के लिए एक प्रारंभिक सूची सामने आई है, जिसमें साहित्य, शिक्षा, समाजसेवा, चिकित्सा, कला और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों के नाम शामिल हैं।
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— PB-SHABD (@PBSHABD) January 25, 2026
Padma Awards 2026: संभावित नामों की पूरी सूची
सूत्रों के अनुसार, जिन नामों को पद्म श्री 2026 (Padma Awards 2026) के लिए चुने जाने की तैयारी है, उनमें शामिल हैं:
अंके गौड़ा
आर्मिडा फर्नांडिस
भगवान दास रायकवार
भिकल्या लाडक्या ढिंडा
बृजलाल भट्ट
बुधरी ताती
चरण हेम्ब्रम
चिरंजी लाल यादव
धार्मिकलाल चुन्नीलाल पांड्या
गफरुद्दीन मेवाती जोगी
हैली वार
इंदरजीत सिंह सिद्धू
के. पाजनिवेल
कैलाश चंद्र पंत
खेम राज सुंद्रियाल
कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा जी
कुमारस्वामी थंगराज
महेंद्र कुमार मिश्रा
मीर हाजीभाई कासंभाई
मोहन नगर
नरेश चंद्र देव वर्मा
निलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला
नूरुद्दीन अहमद
ओथुवार तिरुथानी स्वामिनाथन
पद्मा गुरमेट
पोखिला लेकथेपी
पुन्नियामूर्ति नटेसन
आर. कृष्णन
रघुपत सिंह
रघुवीर तुकाराम खेड़कर
राजस्थापति कालीअप्पा गौंडर
रामा रेड्डी मामिडी
रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले
एस. जी. सुशीला अम्मा
सांग्युसांग एस. पोंगेनर
शफी शौक
श्रीरंग देवबा लाड
श्याम सुंदर
सिमांचल पात्रो
सुरेश हनगावड़ी
तगा राम भील
तेची गुबिन
तिरुवारूर भक्तवत्सलम
विश्व बंधु और युमनाम जात्रा सिंह
इन साधारण लोगों के असाधारण संघर्ष को सम्मान
पद्म पुरस्कारों की सबसे खास बात यही है कि ये केवल बड़े नामों या मशहूर चेहरों तक सीमित नहीं रहते। इस साल की सूची में भी ऐसे कई लोग शामिल हैं, जो दूरदराज के इलाकों, आदिवासी क्षेत्रों, पिछड़े और हाशिए पर खड़े समुदायों से आते हैं। इन नायकों ने व्यक्तिगत कठिनाइयों, आर्थिक तंगी और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद समाज सेवा को अपना लक्ष्य बनाया।
कई पुरस्कार विजेताओं ने शिक्षा के जरिए पीढ़ियों का भविष्य संवारा, तो कुछ ने चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं को दुर्गम इलाकों तक पहुंचाया। वहीं, कई नाम ऐसे भी हैं जिन्होंने कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को जीवित रखने में अहम भूमिका निभाई।







