Nepal Flood Relief : नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद जारी राहत और बचाव अभियान में भारत ने अपनी मदद और तेज कर दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारतीय वायुसेना का आठवां विमान राहत सामग्री लेकर काठमांडू के लिए रवाना हो गया है। इस विमान में करीब 35 टन राहत और बचाव सामग्री भेजी गई है। भारत की ओर से भेजी गई सामग्री में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के जरूरी उपकरण, बचाव सामग्री, फॉरेंसिक सामान और सेना की टीम के लिए आवश्यक अतिरिक्त संसाधन शामिल हैं। भारत का कहना है कि नेपाल की जमीनी जरूरतों के मुताबिक राहत सामग्री और अन्य सहायता आगे भी भेजी जाती रहेगी।
अब तक 8 विमानों से भेजी गई राहत सामग्री
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, आठवें विमान के रवाना होने से पहले भारत सात विमानों के जरिए करीब 95 टन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका था। अब अतिरिक्त 35 टन सामग्री के साथ भारत की ओर से भेजी गई सहायता और बढ़ गई है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत एक करीबी मित्र और पड़ोसी होने के नाते आपदा की शुरुआत से ही नेपाल के साथ खड़ा है। भारत नेपाल के राहत, बचाव और पुनर्निर्माण प्रयासों में हर संभव मदद जारी रखेगा। भारत ने राहत सामग्री भेजने के साथ-साथ विशेषज्ञ टीमों को भी नेपाल में तैनात किया है। फॉरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम मौके पर राहत और बचाव कार्य में मदद कर रही हैं।
1200 DNA सैंपल की जांच कर रही फॉरेंसिक टीम
रणधीर जायसवाल के अनुसार, भारतीय फॉरेंसिक टीम काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में काम कर रही है। टीम करीब 1,200 DNA सैंपल की जांच में जुटी है। आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण पहचान की प्रक्रिया में फॉरेंसिक जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। भारत सरकार ने नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए भी व्यापक व्यवस्था की है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, आपदा के बाद से भारतीय नागरिकों को सक्रिय रूप से मदद पहुंचाई जा रही है।
275 भारतीय नागरिक लापता, 169 को बचाया गया
विदेश मंत्रालय ने बताया कि आपदा के बाद 275 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। इनमें से अब तक 169 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है। लापता भारतीय नागरिकों में वे 49 लोग भी शामिल हैं, जिनके चीन की ओर लापता होने की जानकारी सामने आई है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके परिजनों को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए भारत, बीजिंग और काठमांडू में 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
नेपाल में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
नेपाल के रसुवा इलाके में आई भीषण बाढ़ की शुरुआत 26 अगस्त को चीन के तिब्बत क्षेत्र से हुई थी। सीमा पार बहने वाली भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। बाढ़ की चपेट में आने से नेपाल में विदेशी नागरिकों समेत बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई लोग लापता हुए। सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। आपदा की गंभीरता को देखते हुए भारत लगातार राहत सामग्री, विशेषज्ञ टीम और जरूरी उपकरण नेपाल भेज रहा है। भारत का जोर राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ लापता लोगों की पहचान और प्रभावित भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी पर भी है।
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