Middle East War: पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भीषण भू-राजनीतिक तनाव के बीच Iran और अमेरिका के बीच चल रहा छद्म युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार (3 जून 2026) को Iran द्वारा कुवैत के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए एक बड़े और नृशंस ड्रोन हमले के बाद कुवैत सरकार ने देश की सभी व्यावसायिक उड़ानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कुवैत के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी के हवाले से आई आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इस आत्मघाती ड्रोन हमले के कारण हवाई अड्डे की मुख्य ‘टी1’ (T1) बिल्डिंग को बेहद “गंभीर नुकसान” पहुंचा है। इस अचानक हुए हमले में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई है, वहीं कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। तेहरान और वाशिंगटन के बीच पिछले कुछ समय से जारी सिलसिलेवार हमलों की कड़ी में इसे अब तक का सबसे बड़ा और सीधा हमला माना जा रहा है, जिसने दोनों देशों के बीच बने बेहद नाजुक और अस्थायी युद्धविराम को पूरी तरह से खतरे में डाल दिया है।
लेबनान में युद्धविराम लागू करने पर अड़ा ईरान
इस भीषण सैन्य टकराव के बीच राजनयिक मोर्चे पर भी गतिरोध काफी गहरा गया है। एक क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, तेहरान (ईरान) किसी भी नई शांति वार्ता की मेज पर लौटने से पहले यह चाहता है कि लेबनान में चल रहे युद्धविराम को पूरी कड़ाई से लागू किया जाए। हालांकि, दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस कूटनीतिक दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इसे विवादित बताया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन में मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि इस तनाव और हमलों के बावजूद दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे कूटनीतिक बातचीत और बातचीत के रास्ते अभी भी खुले हुए हैं और वार्ता निरंतर जारी है।
बहरीन और कुवैत पर दागी गईं ईरानी मिसाइलें ढेर
कुवैत पर हुए इस ड्रोन हमले के अलावा Iran ने क्षेत्र में मौजूद अन्य अमेरिकी सहयोगियों और सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने की बड़ी कोशिश की थी। अमेरिकी सेना द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कुवैत की ओर दागी गई दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें अपने तय लक्ष्य तक पहुंचने में पूरी तरह नाकाम रहीं और रास्ते में ही टूटकर समुद्र में गिर गईं। इसके साथ ही, ईरान द्वारा पड़ोसी देश बहरीन की ओर भी तीन घातक मिसाइलें लॉन्च की गई थीं, जिन्हें मुस्तैद अमेरिकी और बहरीनी रक्षा बलों (Air Defense Systems) ने समय रहते हवा में ही इंटरसेप्ट करके पूरी तरह से नष्ट कर दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस संबंध में अतिरिक्त जानकारी देते हुए बताया कि ईरान ने अपने क्षेत्रीय पड़ोसियों को दहलाने के लिए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, लेकिन वे सभी अपने सैन्य लक्ष्यों को भेदने में पूरी तरह विफल साबित हुईं।
ईरान के ‘केशम द्वीप’ पर की ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक
Iran द्वारा अपने मित्र देशों पर किए गए इन दुस्साहसिक हवाई हमलों का अमेरिकी सेना ने बेहद आक्रामक और त्वरित जवाब दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के नेतृत्व में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के युद्धपोतों ने ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम करने के तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई (Retaliatory Strikes) शुरू कर दी। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘केशम द्वीप’ (Qeshm Island) पर स्थित सैन्य ठिकानों और मिसाइल लॉन्चिंग पैड्स पर ताबड़तोड़ बमबारी की। अमेरिकी सेना के अनुसार, यह भीषण एयरस्ट्राइक ईरान द्वारा किए गए लगातार हमलों के प्रयास के जवाब में की गई है, जिसके तहत अमेरिकी बलों ने कई ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों को उनके ठिकाने पर ही मार गिराया और पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया।
Middle East War: महायुद्ध की आशंका तेज
इस सैन्य टकराव के बीच सबसे चिंताजनक खबर Iran के भीतर से आ रही है, जिसने आने वाले दिनों में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका को और हवा दे दी है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों द्वारा जारी की गई खबरों के मुताबिक, ईरानी सरकार ने अमेरिका और इजरायल के साथ जारी इस भीषण युद्ध में संघर्षविराम (Ceasefire) की अवधि को आगे बढ़ाने को लेकर मध्यस्थता कर रहे तीसरे देशों के राजनयिकों से बातचीत करना पूरी तरह से बंद कर दिया है। ईरान द्वारा बातचीत के इस चैनल को अचानक बंद किए जाने और मध्यस्थों से दूरी बना लेने के बाद अब इस बात का खतरा बेहद बढ़ गया है कि आगामी दिनों में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही यह सैन्य जंग पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) को अपनी चपेट में ले सकती है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पूरी तरह से दांव पर लग गई है।
