आजकल की भागती-भागती जिंदगी में थकान, मांसपेशियों की ऐंठन और नींद संबंधी परेशानियां आम हो गई हैं। अगर ये समस्याएं लगातार बनी रहती हैं, तो इसका एक बड़ा कारण हो सकता है आपके शरीर में मैग्नीशियम ( Magnesium ) की कमी। मैग्नीशियम हमारे शरीर के लिए एक जरूरी मिनरल है, जो मांसपेशियों के कामकाज, एनर्जी प्रोडक्शन, हार्मोन संतुलन और नींद की गुणवत्ता में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर थकान, ऐंठन, मूड स्विंग्स, हड्डियों की कमजोरी और नींद न आने जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
मैग्नीशियम की कमी और इसके लक्षण
मैग्नीशियम की कमी से मांसपेशियों में अकड़न, कमजोरी और ऐंठन के साथ ही लगातार थकान महसूस हो सकती है। इसके साथ नींद की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है, जिससे नींद पूरी नहीं होती और दिन में सुस्ती बनी रहती है। इस तरह की समस्या से बचने के लिए डाइट में मैग्नीशियम युक्त फूड्स को शामिल करना बहुत जरूरी है।
मैग्नीशियम से भरपूर 10 फूड्स
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कद्दू के बीज
कद्दू के बीज मैग्नीशियम का एक बेहतरीन स्रोत हैं। हल्का भुने हुए कद्दू के बीज सुबह या शाम स्नैक के तौर पर खाएं। हेल्दी फैट्स या ड्राई फ्रूट्स के साथ लेने से मैग्नीशियम का अब्जॉर्प्शन बढ़ता है। -
बादाम
100 ग्राम बादाम में लगभग 270 मिलीग्राम मैग्नीशियम होता है। रातभर भिगोकर खाने से फाइटिक एसिड कम होता है, जो मिनरल्स के अब्जॉर्प्शन में बाधा डालता है। -
पालक
पालक को हल्का स्टीम करने से इसमें मौजूद ऑक्सालेट्स कम हो जाते हैं, जिससे मैग्नीशियम आसानी से अब्जॉर्ब हो पाता है। -
काले चने
प्रोटीन और मैग्नीशियम का अच्छा कम्बिनेशन है। अंकुरित करके या उबालकर सलाद में शामिल करें। -
एवोकाडो
मैग्नीशियम के साथ पोटैशियम और हेल्दी फैट्स का अच्छा स्रोत है। इसे सलाद, स्मूदी या टोस्ट पर शामिल करें। -
डार्क चॉकलेट (70%+ कोको)
मैग्नीशियम और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होती है। इसे फलों या नट्स के साथ लें, ताकि शुगर का सेवन कम हो और मिनरल्स की बेहतर अवशोषण हो। -
केला
एक सरल और त्वरित स्नैक के तौर पर केला विटामिन बी6 के साथ मैग्नीशियम के मेटाबॉलिज्म में मदद करता है। खासतौर पर वर्कआउट के बाद फायदेमंद है। -
सूरजमुखी के बीज
स्नैक या सलाद टॉपिंग के रूप में खाएं। हल्का भूनने से इसका स्वाद और मैग्नीशियम का अब्जॉर्प्शन दोनों बेहतर होते हैं। -
दही
मैग्नीशियम और प्रोबायोटिक्स का अच्छा संयोजन। प्रोबायोटिक्स पाचन में सुधार कर मिनरल्स की बेहतर अवशोषण में मदद करते हैं। -
ओट्स
ब्रेकफास्ट के लिए उत्तम ऑप्शन। फोर्टिफाइड दूध या दही के साथ लेने से विटामिन डी की मदद से मैग्नीशियम का उपयोग बढ़ता है।
मैग्नीशियम का अब्जॉर्प्शन बढ़ाने की टिप्स
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जितना हो सके पर्याप्त विटामिन डी लें, जो मैग्नीशियम के सही इस्तेमाल में मदद करता है।
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कैल्शियम और मैग्नीशियम का बैलेंस बनाए रखें क्योंकि दोनों के अधिक सेवन से एक-दूसरे के अब्जॉर्प्शन में बाधा आ सकती है।
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कैफीन, शराब और प्रोसेस्ड फूड से बचाव करें क्योंकि ये मैग्नीशियम की कमी बढ़ाते हैं।
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खाने में प्री-बायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स शामिल करें, जो पाचन को बेहतर बनाकर मिनरल्स के अवशोषण में मदद करते हैं।
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