लखनऊ में चमत्कारिक सर्जरी: 3 साल की बच्ची की KGMU के डॉक्टरों ने बचाई जान

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KGMU: लखनऊ के इंदिरानगर इलाके में तीन साल की बच्ची के साथ हुई एक भयावह घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। करीब 40 दिन पहले छत पर खेलते समय कहीं से चली गोली टिनशेड को तोड़ते हुए बच्ची के सिर में धंस गई। गोली लगते ही बच्ची बेहोश होकर गिर पड़ी। आवाज सुनते ही परिजन मौके पर पहुंचे और तुरंत बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, साथ ही पुलिस को घटना की सूचना दी गई।

पहले लोहिया अस्पताल, फिर KGMU ट्रॉमा सेंटर रेफर

परिजन बच्ची को पहले डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए KGMU ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। जब बच्ची KGMU पहुंची, तब तक उसकी स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। सिर से अत्यधिक खून बह चुका था और वह बेहोशी की हालत में थी।

CT Scan में सामने आया ‘Wandering Bullet’ का मामला

CT Scan में डॉक्टरों को पता चला कि गोली सिर के अंदर लगातार अपनी जगह बदल रही है। न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. अंकुर बजाज के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 की शाम गोली बच्ची के सिर के बाएं हिस्से (फ्रंटल बोन) में लगी थी। शुरुआती जांच में गोली दिमाग के ऊपरी हिस्से में दिखी, लेकिन अगले दिन वह बेसल एरिया तक खिसक चुकी थी। बाद में सीटी एंजियोग्राफी में गोली दिमाग के पिछले हिस्से, ऑक्सिपिटल एरिया में पहुंच गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मामला बेहद दुर्लभ ‘Wandering bullet’ का है।

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विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने संभाली चुनौती

इस जटिल केस के लिए KGMU में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बनाई गई। टीम का नेतृत्व न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. बीके ओझा ने किया। इसमें बाल रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया के वरिष्ठ डॉक्टर भी शामिल थे। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि गोली को बिना दिमाग की अहम नसों और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाए बाहर निकाला जाए।

9 निडिल और आधुनिक तकनीक से हुई सर्जरी

डॉक्टरों ने 9 निडिल का घेरा बनाकर गोली को स्थिर किया और इंट्राऑपरेटिव फ्लोरोस्कोपी तकनीक से रियल टाइम में उसकी स्थिति ट्रैक की। करीब 4.5 घंटे तक चली अत्यंत जटिल सर्जरी के बाद गोली को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया।

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बच्ची की हालत में सुधार, जल्द मिलेगी छुट्टी

सर्जरी के बाद बच्ची को KGMU के पीडियाट्रिक आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत में काफी सुधार हुआ है और वह खतरे से बाहर है। संभावना है कि अगले दो से तीन दिनों में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। हालांकि, घटना के 40 दिन बाद भी पुलिस यह पता नहीं लगा पाई है कि गोली किसने और कहां से चलाई थी।

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