पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। भारतीय जनता पार्टी पहली बार बंगाल में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है और इस जीत के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे हैं Suvendu Adhikari ने इस चुनाव में न केवल नंदीग्राम की अपनी पकड़ मजबूत रखी, बल्कि टीएमसी का सबसे मजबूत किला ‘भवानीपुर’ भी ढहा दिया है। दो-दो सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद अब हर तरफ एक ही चर्चा है—Suvendu Adhikari कौन सी सीट अपने पास रखेंगे और क्या वे ही बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे?
नंदीग्राम: जहां फिर चला Suvendu Adhikari का जादू
नंदीग्राम की सीट एक बार फिर राज्य की राजनीति का केंद्र बिंदु साबित हुई। Suvendu Adhikari ने यहाँ TMC उम्मीदवार पवित्र कर को 9,000 से अधिक वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी।
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Suvendu Adhikari: 1,27,301 वोट
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पवित्र कर (TMC): 1,17,636 वोट
नंदीग्राम का यह जनादेश साबित करता है कि जनता ने एक बार फिर Suvendu Adhikari के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। गौरतलब है कि 2021 में भी Suvendu Adhikari ने इसी सीट पर ममता बनर्जी को हराया था।
भवानीपुर में ‘नंदीग्राम पार्ट-2’: Mamata Banerjee के गढ़ में बड़ी जीत
इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर भवानीपुर में देखने को मिला। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की पारंपरिक सीट माने जाने वाले भवानीपुर में Suvendu Adhikari ने उन्हें 15,000 से अधिक वोटों के भारी अंतर से हरा दिया।
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ऐतिहासिक हार: 2011 TMC का अभेद्य किला रही भवानीपुर सीट पर कमल खिलना बीजेपी के लिए एक बड़ी वैचारिक जीत है।
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लगातार दूसरी शिकस्त: यह लगातार दूसरी बार है जब Mamata Banerjee को Suvendu Adhikari के हाथों हार का सामना करना पड़ा है।
किस सीट को चुनेंगे Suvendu Adhikari?
संवैधानिक नियमों के अनुसार, Suvendu Adhikari को एक सीट छोड़नी होगी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वे भवानीपुर सीट को अपने पास रख सकते हैं। इसके पीछे दो बड़े कारण माने जा रहे हैं:
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जीत का अंतर: नंदीग्राम के मुकाबले भवानीपुर में उनकी जीत का अंतर काफी अधिक है।
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प्रतिष्ठा की लड़ाई: TMC के सबसे मजबूत गढ़ में मिली जीत बीजेपी के लिए एक बड़े गौरव का प्रतीक है।
CM की रेस में सबसे आगे
भवानीपुर में मुख्यमंत्री को हराकर Suvendu Adhikari ने खुद को बंगाल में बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा साबित कर दिया है। कार्यकर्ताओं और राजनीतिक जानकारों के बीच उनका नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहा है। हालांकि, आधिकारिक फैसला विधायक दल की बैठक और केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ही लिया जाना है, लेकिन उनके प्रदर्शन ने उन्हें प्रबल दावेदार बना दिया है।
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