Khet bachao abhiyan: आज से शुरू हुआ देशव्यापी मिशन, किसानों को मिलेंगे कई बड़े फायदे

Khet bachao abhiyan

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Khet bachao abhiyan: भारत की अर्थव्यवस्था और हमारे जीवन में खेती का क्या महत्व है, यह हम सब अच्छी तरह जानते हैं। लेकिन बदलते वक्त के साथ आज हमारी खेती और मिट्टी दोनों कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने आज यानी 1 जून से पूरे देश में 'Khet bachao abhiyan' चलाने का एक बड़ा फैसला किया है। यह एक ऐसा राष्ट्रीय अभियान है जिसका सीधा मकसद हमारे देश के किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस अभियान के तहत क्या-क्या खास होने वाला है।

रायसेन जिले से ‘Khet bachao abhiyan’ का शुभारंभ

इस बड़े राष्ट्रीय मिशन की शुरुआत के लिए मध्य प्रदेश की धरती को चुना गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि 1 जून को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के रामसिया गांव से ‘खेत बचाओ अभियान’ का राष्ट्रीय शुभारंभ किया जा रहा है।

इस शुरुआत के साथ ही पूरे देश के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया गया है। अभियान को सही मायने में जमीन पर उतारने के लिए कृषि मंत्री ने देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विश्वविद्यालयों और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि इस अभियान को सिर्फ एक सरकारी कागजी काम न बनाकर एक जन-आंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए।

नकली खाद-बीज की पहचान भी सिखाई जाएगी

आजकल किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या नकली खाद और नकली कीटनाशकों (पेस्टिसाइड) की आती है। मेहनत की कमाई लगाने के बाद भी जब फसल खराब होती है, तो किसान कर्ज के जाल में फंस जाता है। इस अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिक सीधे गांवों में चौपाल लगाकर किसानों को नकली खाद-बीज की पहचान करना सिखाएंगे।

इसके साथ ही, मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए मिट्टी परीक्षण (सॉइल हेल्थ कार्ड) और संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर दिया जाएगा। किसानों को बताया जाएगा कि अंधाधुंध केमिकल डालने के बजाय प्राकृतिक खेती और हरी खाद का इस्तेमाल कैसे करें। कृषि मंत्री के अनुसार, बढ़ता तापमान और असंतुलित रसायनों का उपयोग हमारी धरती मां की सेहत खराब कर रहा है, इसलिए समय रहते यह कदम उठाना बेहद जरूरी था।

हर किसान तक पहुंचेंगे वैज्ञानिक

कृषि मंत्रालय ने इस पूरे महीने यानी 30 जून तक का एक पक्का प्लान तैयार किया है। इसके तहत कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों की विशेष टीमें तारीखों के हिसाब से अलग-अलग गांवों का दौरा करेंगी। वैज्ञानिक खेत पर जाकर किसानों को पानी बचाने के तरीके, कम बारिश में उगाई जा सकने वाली फसलें और सही फसल चक्र चुनने की सलाह देंगे। यानी अब किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि विशेषज्ञ खुद उनके पास आएंगे।

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शिवराज सिंह करेंगे किसानों से संवाद

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद इस अभियान के दौरान सक्रिय भूमिका में रहने वाले हैं। वे विभिन्न राज्यों के ग्रामीण इलाकों का दौरा करेंगे और किसानों के साथ सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान वे केवल खेती के तरीके ही नहीं बताएंगे, बल्कि सरकार की जरूरी योजनाएं जैसे किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना और दलहन-तिलहन मिशन का लाभ भी हर पात्र किसान तक पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे।

‘Khet bachao abhiyan’ निश्चित रूप से भारतीय कृषि को एक नई दिशा देने वाला कदम है। जब देश का किसान वैज्ञानिक तौर-तरीकों को अपनाएगा और अपनी मिट्टी को रसायनों से बचाएगा, तभी हमारी खेती का भविष्य सुरक्षित होगा। यह अभियान हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन को उपजाऊ बनाए रखने की दिशा में एक बेहतरीन कोशिश है।

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