Jaunpur में बड़ा हादसा: पाइपलाइन खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से बिहार के दो मजदूरों की मौत

Jaunpur

Share This Article

उत्तर प्रदेश के Jaunpur जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ बुधवार की रात एक निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। Jaunpur के चौकिया शिवालय इलाके में पीएनजी पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था, तभी अचानक मिट्टी धंस गई और वहां काम कर रहे दो मजदूर जिंदा दफन हो गए। यह हादसा न केवल सिस्टम की बेपरवाही को उजागर करता है, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की भी गवाही देता है।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

घटना बुधवार रात करीब आठ बजे की है। Jaunpur के चौकिया गांव में सड़क किनारे इंडियन ऑयल अडाणी गैस के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम विचित्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा था। बैकहो लोडर (JCB) से करीब 15 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था और निकाली गई मिट्टी को किनारे पर ही ढेर कर दिया गया था। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले तीन मजदूर—निरंजन, प्रिंस और शशिरंजन—पाइप वेल्डिंग की तैयारी के लिए गड्ढे में उतरे थे।

तभी अचानक ऊपर रखी भारी मिट्टी नीचे की ओर खिसक गई। शशिरंजन ने तो भागकर अपनी जान बचा ली, लेकिन निरंजन और प्रिंस मलबे के नीचे दब गए। Jaunpur प्रशासन को सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

Jaunpur

ठेकेदार की बड़ी लापरवाही आई सामने

इस हादसे के बाद शुरुआती जांच में ठेकेदार की गंभीर लापरवाही पाई गई है। एसडीएम शैलेंद्र कुमार, सीओ केराकत अजीत रजक सहित पहुंच गए, मौके पर पहुँचकर बताया कि शुरुआती जांच में ठेकेदार की लापरवाही सामने आ रही है। दोनों शवों को निकालने के लिए फायर बिग्रेड को भी बुला लिया गया। रात करीब पौने 11 बजे प्रिंस का शव निकाला गया।

आरोप है कि रात के अंधेरे में इतना जोखिम भरा काम कराया जा रहा था, लेकिन वहां निगरानी के लिए कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। सबसे बड़ी बात यह कि मजदूरों को बिना किसी हेलमेट या सुरक्षा उपकरण के इतने गहरे गड्ढे में उतार दिया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी ने सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर काम शुरू किया था।

Jaunpur

बिहार से रोजी-रोटी की तलाश में आए थे श्रमिक

मरने वाले दोनों श्रमिक बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के भलुवीं सिकंदर गांव के थे। निरंजन अपने परिवार का सहारा था, उसकी शादी 12 साल पहले हुई थी और उसके तीन छोटे बच्चे हैं। वहीं, प्रिंस कुमार दो भाइयों में बड़ा था और दो साल से घर की माली हालत सुधारने के लिए हेल्पर का काम कर रहा था। Jaunpur में हुई इस घटना ने उनके परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है।

Jaunpur

बचाव कार्य में हुई देरी और सिस्टम पर सवाल

Jaunpur में बचाव कार्य के दौरान भी कई कमियां दिखीं। रात के अंधेरे में सिर्फ बैकहो लोडर की लाइट के भरोसे खुदाई की गई। प्रशासन के पास आपदा से निपटने के लिए कोई क्विक एक्शन टीम नहीं थी। जब तक प्रशासनिक अमला पहुंचा और शवों को बाहर निकाला गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। करीब रात 11 बजे प्रिंस का शव निकाला जा सका।

यह भी पढ़ें: आगरा-असारवा Superfast Express का आगाज: अब अहमदाबाद और सूरत का सफर होगा आसान

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This