IMD Weather Update अगर आप भी रोज-रोज की बारिश से थोड़े परेशान हो चुके हैं या फिर साफ आसमान और सुहावने मौसम का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए एक राहत भरी खबर है। देश में अब दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीरे-धीरे धीमी पड़ने लगी है और इसने वापसी की तैयारी शुरू कर दी है। हर साल की तरह इस बार भी उत्तर-पश्चिम भारत के राज्य सबसे पहले बारिश के इस मौसम को अलविदा कहेंगे। हालांकि इस साल मानसून की विदाई थोड़ी देर से हो रही है, लेकिन अब वो वक्त करीब आ गया है। आइए आसान भाषा में जानते हैं कि आपके राज्य से मानसून कब विदा होने वाला है।
राजस्थान से होगी शुरुआत
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की वापसी का पहला चरण राजस्थान से शुरू हो रहा है। पश्चिमी राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी दर्ज की जा रही है। मौसम केंद्र जयपुर का मानना है कि 19 सितंबर के आसपास से मानसून के लौटने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी। यानी 19 सितंबर के बाद राजस्थान के बड़े हिस्से से मानसून विदाई ले लेगा और वहां धूप खिलने के साथ हवाओं में सूखापन आने लगेगा।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा का हाल
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों जैसे हरियाणा और पंजाब में भी मौसम का मिजाज बदलने वाला है। आने वाले कुछ दिनों में इन राज्यों में बारिश का असर बहुत कम हो जाएगा। आसमान धीरे-धीरे साफ होगा और हवा में नमी की मात्रा घटेगी। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में 20 से 21 सितंबर के बाद मानसून पूरी तरह से विदा ले सकता है। इसके बाद लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में बारिश का आखिरी दौर
अगर बात उत्तर प्रदेश की करें, तो राज्य के कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान झमाझम बारिश देखने को मिली है। इसकी मुख्य वजह सौराष्ट्र से लेकर बीकानेर, चूरू, बरेली, गोरखपुर, पटना, रांची और कोलकाता होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैला कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Zone) है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि यह बारिश का आखिरी दौर है। अगले एक हफ्ते के अंदर यूपी में भी बारिश की गतिविधियां थम जाएंगी और 22 सितंबर के आसपास से मानसून यहां से भी विदा होना शुरू हो जाएगा।
कैसे तय होती है वापसी?
बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर मौसम विभाग कैसे तय करता है कि मानसून वापस लौट चुका है? दरअसल, मानसून का जाना कोई रातों-रात होने वाली घटना नहीं है। 1 सितंबर के बाद मौसम विभाग तभी मानसून की विदाई की आधिकारिक घोषणा करता है जब तीन मुख्य बदलाव नजर आते हैं:
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उस क्षेत्र में लगातार 5 दिनों तक बिल्कुल बारिश न हो।
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हवाओं की दिशा बदले और शुष्क (सूखी) हवाएं चलने लगें।
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निचले वायुमंडल में उच्च दबाव (High Pressure) का सिस्टम बनने लगे।
जब ये तीनों स्थितियां बनती हैं, तो मान लिया जाता है कि मानसून की विदाई हो चुकी है।
कुल मिलाकर देखें तो उत्तर भारत में अब बारिश का दौर अंतिम चरण में है। राजस्थान से शुरू होकर यह विदाई धीरे-धीरे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और यूपी तक पहुंचेगी। मानसून के जाते ही आसमान साफ होगा, रातें थोड़ी ठंडी होने लगेंगी और मौसम सुहावना हो जाएगा। तो अगर आप आने वाले दिनों में यात्रा या बाहर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम का यह बदलाव आपके लिए सुखद साबित हो सकता है।
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