Himanta Biswa Sarma oath: असम की राजनीति में आज का दिन बेहद खास है। राज्य में लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनने जा रही है। गुवाहाटी के खानापारा स्थित पशु चिकित्सा महाविद्यालय मैदान में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जहाँ Himanta Biswa Sarma एक बार फिर मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की कमान संभालेंगे। इस बार की जीत ऐतिहासिक है क्योंकि भाजपा ने पहली बार राज्य में अपने दम पर बहुमत हासिल किया है।

भव्य समारोह और खास मेहमानों का जमावड़ा
शपथ ग्रहण समारोह को यादगार बनाने के लिए दिग्गजों का तांता लगा हुआ है। समारोह में शामिल होने के लिए भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर गुवाहाटी पहुंच चुके हैं, जिनका हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे बड़े नेता भी इस पल के गवाह बनेंगे। Himanta Biswa Sarma के शपथ ग्रहण में एनडीए शासित राज्यों के करीब 40 मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल हो सकते हैं।

राज्यपाल दिलाएंगे पद और गोपनीयता की शपथ
आज सुबह 11:40 बजे राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य Himanta Biswa Sarma और उनके नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे। इस नए मंत्रिमंडल में भाजपा के साथ-साथ सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के सदस्यों को भी जगह मिलने की उम्मीद है। 126 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन ने कुल 102 सीटें जीती हैं, जो राज्य के विकास और सरकार की नीतियों पर जनता की मुहर को दर्शाता है।
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नई सरकार की प्राथमिकताएं और वादे
शपथ लेने के बाद Himanta Biswa Sarma सरकार के पहले 100 दिनों का रोडमैप पेश कर सकते हैं। चुनाव के दौरान ‘पहचान, भूमि और सुरक्षा’ के मुद्दों पर काफी जोर दिया गया था, इसलिए उम्मीद है कि नई सरकार भूमि अधिकारों और अतिक्रमण हटाने जैसे मामलों पर तुरंत काम शुरू करेगी। Himanta Biswa Sarma पहले ही कह चुके हैं कि उनका लक्ष्य असम को देश के सबसे प्रगतिशील राज्यों की कतार में खड़ा करना है।
असम में फिर से एनडीए की वापसी यह बताती है कि जनता ने विकास और स्थिरता को चुना है। Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में असम ने पिछले कुछ वर्षों में कई अहम बदलाव देखे हैं। अब देखना यह होगा कि लगातार दूसरे कार्यकाल में वह राज्य की प्रगति को कितनी ऊंचाई पर ले जाते हैं। पूरे प्रदेश की नजरें अब नई मंत्रिपरिषद के गठन और उनके आगामी फैसलों पर टिकी हैं।


