उत्तर प्रदेश के Chandauli जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको चौंका दिया है। पिछले 24 घंटों से इलाके में खौफ का सबब बना एक सीरियल किलर आखिरकार पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। यह मामला अलीनगर और सकलडीहा थाना क्षेत्रों से जुड़ा है, जहाँ एक के बाद एक तीन हत्याओं ने पुलिस की नींद उड़ा दी थी। आरोपी की पहचान पंजाब के अमृतसर निवासी गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो किसी व्यक्तिगत रंजिश के बिना ही लोगों को अपना निशाना बना रहा था।

सनसनीखेज वारदातों का सिलसिला
गुरप्रीत सिंह ने हत्याओं का यह खौफनाक खेल 10 मई को शुरू किया था। सबसे पहले उसने ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में एक व्यक्ति की जान ली। इसके अगले ही दिन यानी 11 मई की रात उसने जम्मूतवी एक्सप्रेस में एक अन्य यात्री को गोली मार दी। लेकिन उसका पागलपन यहीं नहीं रुका। आज सुबह अलीनगर के जीवक अस्पताल में घुसकर उसने वहां भर्ती एक महिला के सिर में गोली मार दी। Chandauli के लोगों के लिए यह किसी बुरे सपने जैसा था क्योंकि कातिल बिना किसी कारण के रैंडम तरीके से लोगों को मार रहा था।

अस्पताल में पकड़ा गया और फिर एनकाउंटर
तीसरी हत्या के बाद भागने की कोशिश कर रहे गुरप्रीत को स्थानीय ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाकर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। चंदौली एसपी आकाश पटेल ने बताया कि पूछताछ में गुरप्रीत ने 3 लोगों की हत्या की बात स्वीकारी। ट्रेन में हुई घटनाओं के सीन रीक्रिएशन के लिए पीडीडीयू जंक्शन ले जाया गया। जहां आरोपी द्वारा घटनाओं के संबंध में जानकारी दी गई। आरोपी को थाना सकलडीहा क्षेत्र में उस स्थान पर ले जाया गया, जहां प्रथम घटना के मृतक का शव मिला था तथा जहां से आरोपी भागा था।

रात करीब 11:00 बजे कुचमन रेलवे स्टेशन के पास गुरप्रीत ने जफरपुर चौकी इंचार्ज सतीश सिंह का पिस्तौल छीन ली। फायरिंग करते हुए भागने लगा। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गुरप्रीत के सीने और पेट में दो गोलियां लगीं। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
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आरोपी का बैकग्राउंड और हत्या की वजह
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि गुरप्रीत सिंह साल 2021 में भारतीय सेना से रिटायर हुआ था। वह पिछले महीने ही पंजाब से बिहार एक सुरक्षा गार्ड की नौकरी के लिए आया था। लेकिन शराब की लत के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया। बेरोजगार होने और आर्थिक तंगी के कारण वह मानसिक रूप से विचलित और बेहद आक्रोशित रहने लगा। पूछताछ में उसने बताया था कि वह इतना गुस्से में था कि जो भी उसके सामने आया, उसने उसे मार दिया। Chandauli पुलिस ने उसके पास से एक रिवाल्वर और एक कटी हुई लाइसेंसी गन भी बरामद की है।

संयुक्त पुलिस टीम की कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन में अलीनगर पुलिस, सकलडीहा पुलिस, SOG और GRP की टीमों ने मिलकर काम किया। Chandauli में हुई इन वारदातों ने रेलवे सुरक्षा और स्थानीय अस्पतालों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए थे, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने आरोपी को अंजाम तक पहुंचा दिया। सेना का पूर्व जवान होने के नाते उसे हथियारों की अच्छी समझ थी, जिससे वह और भी खतरनाक साबित हो रहा था।
अपराध की दुनिया का अंत अक्सर ऐसा ही होता है। Chandauli में जिस तरह से एक पूर्व सैनिक ने कानून को अपने हाथ में लिया और मासूमों की जान ली, वह समाज के लिए एक चिंता का विषय है। मानसिक तनाव और गुस्से में उठाए गए एक गलत कदम ने न केवल तीन परिवारों को तबाह कर दिया, बल्कि खुद आरोपी के जीवन का भी अंत कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से फिलहाल जिले के लोगों ने राहत की सांस ली है।


