High Blood Sugar: यदि ब्लड शुगर बढा हुआ है तो नजरंदाज मत कीजिए क्योंकि यह सिर्फ डायबिटीज तक ही सीमित नहीं है बल्की ह्रदय के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय से हाई ब्लड शुगर का रहना ह्रदय और रक्त धमनियों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए समय रहते इसको पहचान लेना ह्रदय संबंधी बीमारीयों के जोखिम से बचा सकता है।
लंबे समय से डायबिटीज बन सकता है हार्ट अटैक का कारण:
साल 2026 में प्रकाशित एक अध्ययन में 4,931 लोगों के आंकड़ो का विशलेषण किया गया जिसके अनुसार कम आयु में डाबिटीज की शुरुआत आगे चलकर बढ़ा सकता है ह्रदय संबंधी रोगों का जोखिम। इस रिसर्च में पाया गया कि 40 साल से कम उम्र के व्यक्ति में डायबिटीज होना मतलब कम उम्र से लंबे समय तक रक्त में अधिक शर्करा रहना है जो आगे चलकर हार्ट की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।
युवा और प्री-डायबिटीक भी सतर्क रहें:
युवा और खासतौर पर प्री-डायबिटीक यानी जो व्यक्ति मधुमेह से पहले की अवस्था में हैं बहुत सावधान रहें। 2026 में जारी डायबिटीज संबंधी चिकित्सीय मानकों के अनुसार प्री-डायबिटिक को हार्ट की बीमारियों से जोड़ा गया है। वहीं युवाओं को भी सतर्क रहने की जरूरत है जो बढ़े हुए ब्लड शुगर को केवल भविष्य में होने वाले मधुमेह की चेतावनी समझकर छोड़ देते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर जांच अवश्य करवाएं।
बचाव के उपाय :
ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और डायबिटीज से जुड़ी मुश्किलों को कम करने के साथ-साथ ह्रदय की सुरक्षा भी काफी महत्वपूर्ण है, इसलिए न सिर्फ खाली पेट रक्त शर्करा जांच कर आकलन करें बल्कि तीन महीने की औसत शुगर का लेवल, खून में फैट, किडनी का चैकप और ब्लड प्रेशर जैसे कई पहलुओं को देखना आवश्यक है।
Disclaimer: (इस लेख में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी फिटनेस से संबंधित उपायों को करने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह लें।)
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