Hamirpur Boat Accident News: हमीरपुर हादसे पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख, जांच के दिए निर्देश, 6 मई को हुआ था हादसा

Hamirpur

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उत्तर प्रदेश के Hamirpur जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ यमुना नदी में एक नाव पलटने से लापता हुए सभी छह लोगों के शव गुरुवार को बरामद कर लिए गए हैं। मरने वालों में एक मां और उनका मासूम बेटा भी शामिल है। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा इंतजामों की भारी अनदेखी का नतीजा है। बुधवार रात से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन गुरुवार शाम तक चला, लेकिन तब तक नदी ने कई घरों के चिराग बुझा दिए थे।

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कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

घटना बुधवार शाम की है जब Hamirpur के भौली गांव के रहने वाले 10 लोग नाव पर सवार होकर नदी के पार खरबूजा खाने गए थे। लौटते समय करीब साढ़े आठ बजे नाव बीच धारा में पहुंची ही थी कि तभी एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो गई। बताया जा रहा है कि नाव चला रहा नाविक विष्णु निषाद अचानक आए एक फोन कॉल पर बात करने के लिए खड़ा हो गया।

नाविक के अचानक खड़े होने से नाव का संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते 10 लोगों से भरी नाव यमुना की लहरों में समा गई। नाविक तो तैरकर बाहर आ गया और किनारे खड़े एक ग्रामीण ने तीन लोगों को बचा लिया, लेकिन बाकी छह लोग पानी की गहराई में खो गए। Hamirpur प्रशासन को जैसे ही इसकी खबर मिली, तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।

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सुरक्षा के मानकों की भारी अनदेखी

इस हादसे ने एक बार फिर नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, नाव में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। किसी भी यात्री ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी और न ही नाव पर रबर ट्यूब जैसी कोई चीज मौजूद थी। Hamirpur के डीएम अभिषेक गोयल ने साफ किया कि नाविकों को अब सख्त हिदायत दी गई है कि बिना सुरक्षा उपकरणों के वे नदी में नाव नहीं उतारेंगे।

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रात भर चली तलाश के बाद गुरुवार सुबह सबसे पहले ब्रजरानी का शव मिला। इसके बाद एक-एक करके आकांक्षा, अर्चना, रानी और नन्हे लव्यांश के शव बरामद किए गए। सबसे अंत में शाम को आदित्य का शव मिला, जो जाल में फंसने के बाद एक बार छूट गया था। Hamirpur के इस हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य मंत्रियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने स्पष्ट कहा है कि हादसे में लापता लोगों की जल्द से जल्द तलाश की जाए और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके साथ ही जिला प्रशासन को हादसे के कारणों की गहन जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं।

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प्रशासन की मदद और आगामी कदम

प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया गया है। Hamirpur डीएम ने बताया कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। प्रयागराज जोन के एडीजी ज्योति नारायण ने भी घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, मुआवजा किसी की जान तो वापस नहीं ला सकता, लेकिन यह परिवार को इस मुश्किल घड़ी में थोड़ा सहारा जरूर देगा।

Hamirpur की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर नाविक फोन पर बात करने जैसी गलती न करता, तो शायद आज ये सभी लोग अपने घरों में सुरक्षित होते। गुरुवार की रात तक सभी शवों का पोस्टमार्टम पूरा कर लिया गया और गांव में छाई खामोश चीखें अब सिस्टम से जवाब मांग रही हैं।

Hamirpur में हुआ यह नाव हादसा हमें याद दिलाता है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। एक फोन कॉल और लाइफ जैकेट की कमी ने कई परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। प्रशासन को चाहिए कि वह केवल हिदायत न दे, बल्कि नियमों का सख्ती से पालन भी कराए ताकि भविष्य में किसी और मां की गोद सूनी न हो और यमुना की लहरें फिर कभी मातम का सबब न बनें।

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