Hardoi: उत्तर प्रदेश के विकास की रफ्तार को एक नई ऊंचाई मिलने वाली है। प्रदेश के सबसे लंबे 'गंगा एक्सप्रेसवे' का इंतजार अब खत्म होने को है। प्रयागराज से मेरठ को जोड़ने वाले इस 594 किलोमीटर लंबे शानदार एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को Hardoi से करेंगे। यह सिर्फ एक सड़क का उद्घाटन नहीं है, बल्कि यूपी के बुनियादी ढांचे में एक बड़े बदलाव की शुरुआत है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद जमीनी स्तर पर जाकर तैयारियों का जायजा लिया, जिससे साफ है कि यह आयोजन कितना भव्य होने वाला है।
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सीएम योगी ने खुद संभाली कमान
लोकार्पण की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी गंभीर नजर आ रहे हैं। उन्होंने हरदोई के मल्लावां पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। सीएम ने कार से एक्सप्रेसवे का सफर तय किया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने न सिर्फ मंच की सुरक्षा और बैठक व्यवस्था देखी, बल्कि भीषण गर्मी को देखते हुए पंडाल में पानी और छाया के पुख्ता इंतजाम करने को भी कहा। सीएम ने उन्नाव, Hardoi, कन्नौज और शाहजहांपुर के जनप्रतिनिधियों के साथ करीब 55 मिनट तक बैठक की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्यक्रम के दौरान आम जनता को किसी तरह की असुविधा न हो।

आखिर क्या है ‘हरिशंकरी’, जिसे पीएम मोदी रोपेंगे?
इस उद्घाटन समारोह की एक सबसे खास बात यह होगी कि पीएम मोदी यहां ‘हरिशंकरी’ का पौधा लगाएंगे। बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि आखिर यह हरिशंकरी क्या है? दरअसल, यह कोई एक अकेला पेड़ नहीं है, बल्कि तीन पवित्र पेड़ों—पीपल, बरगद और पाकड़ का एक अनूठा संगम है। इन तीनों पौधों को एक ही गड्ढे में साथ रोपा जाता है। धार्मिक और आध्यात्मिक नजरिए से इसे भगवान विष्णु और भगवान शिव की ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
पर्यावरण की दृष्टि से भी हरिशंकरी का बहुत बड़ा महत्व है। महज 5-6 सालों में यह एक बेहद विशाल और छायादार पेड़ बन जाता है, जो भारी मात्रा में ऑक्सीजन देता है और पक्षियों के लिए बसेरा बनता है। सीएम योगी अक्सर खास मौकों पर हरिशंकरी के पौधे लगाते रहे हैं, और अब पीएम मोदी के हाथों इसे रोपना एक सकारात्मक संदेश देगा।
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जनता की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
अप्रैल के आखिरी हफ्ते में यूपी में कड़ाके की धूप और गर्मी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं। सभास्थल पर आने वाले लोगों के लिए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था, रूट डायवर्जन और पार्किंग के प्लान पर विस्तार से चर्चा की गई है। बैठक में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना और असीम अरुण जैसे दिग्गज नेता भी मौजूद रहे, जो स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। हेलीपैड से लेकर सुरक्षा घेरे तक, हर चीज को चाक-चौबंद किया जा रहा है ताकि पीएम मोदी का यह दौरा ऐतिहासिक बन सके।
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और यात्रा के समय को बदलने वाला साबित होगा। 29 अप्रैल का दिन न केवल हरदोई बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का दिन होगा। विकास के साथ-साथ हरिशंकरी जैसे पौधों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना एक सराहनीय पहल है। इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से दिल्ली से प्रयागराज की दूरी न सिर्फ कम होगी, बल्कि औद्योगिक विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे।
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