Delhi-NCR में मई महीने की शुरुआत गर्मी से थोड़ी राहत के साथ हुई है। गुरुवार को अचानक बदले मौसम और हल्की बारिश व ओलावृष्टि के बाद, शुक्रवार (1 मई 2026) को भी मौसम में राहत का अहसास बना हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।
कैसा रहेगा Delhi का तापमान?
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार से Delhi-NCR में अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है:
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न्यूनतम तापमान: 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
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अधिकतम तापमान: 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है।

हवा की गति और चेतावनी
Delhi के विभिन्न हिस्सों—जैसे नॉर्थ वेस्ट, वेस्ट, नॉर्थ, साउथ और साउथ ईस्ट Delhi —के लिए मौसम विभाग ने आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान लगाया है:
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हवा की रफ्तार: सामान्य तौर पर हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है।
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धूल भरी आंधी: यदि धूल भरी आंधी की स्थिति बनती है, तो हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक जा सकती है।
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अलर्ट की स्थिति: IMD ने कुछ हिस्सों के लिए येलो और कुछ के लिए ओरेंज अलर्ट जारी किया है। ओरेंज अलर्ट का मतलब है कि अचानक तेज आंधी या धूल भरी आंधी आ सकती है, जिसके लिए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
अगले 5 दिनों का पूर्वानुमान: कब होगी बारिश?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, Delhi में मई के शुरुआती सप्ताह में मौसम का मिजाज काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है:
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1 से 2 मई: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की धूप देखने को मिल सकती है।
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3 से 6 मई: 2 से 6 मई के बीच एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे Delhi-NCR में एक बार फिर आंधी, बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
सावधानी और स्वास्थ्य संबंधी टिप्स
मौसम के इस अचानक उतार-चढ़ाव (तेज धूप के बाद अचानक आंधी और बारिश) का सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अपने और अपने परिवार के बचाव के लिए निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखें:
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आंखों और सांस की सुरक्षा: धूल भरी आंधी के दौरान अस्थमा, एलर्जी और सांस की बीमारी से पीड़ित लोग बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना बहुत जरूरी हो, तो एन-95 या सर्जिकल मास्क का इस्तेमाल जरूर करें। अपनी आंखों को धूल-मिट्टी से बचाने के लिए अच्छी क्वालिटी के चश्मे (सनग्लासेस) पहनें।
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हाइड्रेटेड रहें: तापमान में हो रहे बदलावों के बीच शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, नारियल पानी या ओआरएस (ORS) का सेवन करते रहें ताकि डिहाइड्रेशन और कमजोरी से बचा जा सके।
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बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान: बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) थोड़ी संवेदनशील होती है। उन्हें अचानक चलने वाली ठंडी या गर्म हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचाएं।
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खान-पान में सावधानी: इस मौसम में हल्का, ताजा और पौष्टिक भोजन ही करें। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और बासी भोजन से परहेज करें ताकि मौसमी बीमारियों और पेट के संक्रमण (Food Poisoning) से बचा जा सके।
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मौसम के अपडेट्स पर नजर रखें: घर से निकलने से पहले मौसम विभाग (IMD) की चेतावनियों पर ध्यान दें। किसी भी अप्रत्याशित आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।







