Delhi Fire Incident : राजधानी दिल्ली से सप्ताहांत पर आग लगने की दो अलग-अलग और दुखद खबरें सामने आई हैं। एक तरफ जहां मोती नगर में सिलेंडर फटने से एक व्यक्ति की जान चली गई, वहीं दूसरी तरफ स्वरूप नगर में एक फैक्ट्री में आग लगने से हड़कंप मच गया। इन घटनाओं की वजह से आसपास के इलाकों में डर और अफरातफरी का माहौल बन गया। आइए जानते हैं कि आखिर इन दोनों जगहों पर क्या हुआ और राहत-बचाव कार्य की क्या स्थिति रही।
मोती नगर में तड़के हुआ दर्दनाक हादसा
पहला मामला दिल्ली के मोती नगर इलाके का है, जहां शनिवार तड़के एक रिहायशी मकान में भीषण आग लग गई। तिलक नगर स्थित सहापुरा की गली नंबर 11 में बने एक तीन मंजिला (ग्राउंड प्लस टू) मकान के निचले हिस्से में अचानक आग भड़क उठी। सुबह करीब 3:25 बजे जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे, तभी आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं। देखते ही देखते घर में रखा एलपीजी सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया।
धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग सहम उठे। इस सिलेंडर धमाके की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। स्टेशन ऑफिसर के मुताबिक, आग पर काबू पाने के लिए वॉटर टेंडर और ब्रीदिंग एपिरेटस से लैस गाड़ियां भेजी गईं। हालांकि, जब तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जाता, तब तक एक व्यक्ति अपनी जान गंवा चुका था।
स्वरूप नगर की फैक्ट्री में आग से मची भगदड़
अभी मोती नगर का हादसा शांत भी नहीं हुआ था कि रविवार को उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके से एक और अग्निकांड की खबर आ गई। स्वरूप नगर की गली नंबर 2 (खसरा नंबर 357/58) में स्थित एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की इमारत में अचानक आग लग गई। इस इमारत के ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर जूडो ड्रेस और बॉक्सिंग ग्लव्स (खेल का सामान) बनाने का काम होता था।
फैक्ट्री से उठती तेज लपटों और धुएं के गुबार को देखकर इलाके में अफरातफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि आग में झुलसने से किसी व्यक्ति की सीधी मौत नहीं हुई, लेकिन घबराहट की वजह से एक बड़ा हादसा हो गया।
घबराहट में इमारत से कूदे लोग
आग की लपटें इतनी भयानक दिख रही थीं कि सामने वाली इमारत में रहने वाले लोग बुरी तरह डर गए। धुएं और आग के फैलाव के डर से सामने वाली इमारत के छह लोग अपनी जान बचाने के लिए सीधे नीचे कूद गए। ऊंचाई से कूदने के कारण वे सभी छह लोग घायल हो गए।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत पास के अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है और उनका इलाज चल रहा है। वहीं, दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद फैक्ट्री की आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर उठते सवाल
दिल्ली में लगातार हो रहे इस तरह के हादसों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रही फैक्ट्रियां और घरों में गैस सिलेंडर का असुरक्षित रख-रखाव मासूम लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। फायर सेफ्टी नियमों का सही तरीके से पालन न होना और समय पर सतर्कता न बरतना ऐसे हादसों का मुख्य कारण बन रहा है।







