उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में एक भव्य समारोह के दौरान Delhi-Dehradun Economic Corridor का उद्घाटन किया। इस कॉरिडोर के शुरू होने से न केवल दो राज्यों के बीच की दूरी कम होगी, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक और व्यापारिक विकास के लिए एक नई जीवन रेखा साबित होगा। इस मौके पर उनके साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
![]()
विकास की नई भाग्य रेखा
प्रधानमंत्री ने देहरादून में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र के भाग्य की रेखाएं वहां की सड़कें और हाईवे होते हैं। Delhi-Dehradun Economic Corridor महज एक सड़क नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड के विकास को अगले दशक में ले जाने वाला इंजन है। पीएम ने बाबा केदारनाथ के अपने पुराने बयान को याद करते हुए कहा कि यह दशक निश्चित रूप से उत्तराखंड का दशक होने जा रहा है, और यह प्रोजेक्ट उसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

आधुनिक इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना
यह प्रोजेक्ट अपनी तकनीकी खूबियों की वजह से पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। लगभग 13,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार Delhi-Dehradun Economic Corridor आधुनिक इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो एशिया में सबसे लंबा माना जा रहा है।
![]()
इसके अलावा, इसमें 340 मीटर लंबी सुरंग भी बनाई गई है। इस डिजाइन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सड़क निर्माण की वजह से जंगलों और वन्यजीवों को कोई नुकसान न पहुंचे। अब गाड़ियां ऊपर से गुजरेंगी और नीचे जंगल के जानवर बिना किसी बाधा के विचरण कर सकेंगे।
![]()
समय की बचत और पर्यटन को रफ्तार
इस Delhi-Dehradun Economic Corridor के पूरी तरह चालू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। पहले जहां इस सफर में 5 से 6 घंटे लग जाते थे, वहीं अब यात्री इसे महज 2.5 से 3 घंटे में पूरा कर सकेंगे। इससे न केवल मसूरी और ऋषिकेश जाने वाले पर्यटकों को सुविधा होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
इसका फायदा केवल देहरादून को ही नहीं, बल्कि गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे शहरों को भी मिलेगा। इन शहरों की कनेक्टिविटी सीधे नेशनल कैपिटल से और बेहतर हो जाएगी, जिससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
![]()
सहारनपुर में भव्य रोड शो और आस्था का संगम
देहरादून पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री ने सहारनपुर में एक भव्य रोड शो किया, जहां जनता ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद वह डाट काली मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। Delhi-Dehradun Economic Corridor के वाइल्डलाइफ सेक्शन की समीक्षा करते हुए उन्होंने इंजीनियरों के काम की सराहना की। यह कॉरिडोर राजाजी नेशनल पार्क के पास से गुजरता है, इसलिए यहां पर्यावरण संतुलन का खास ख्याल रखा गया है।
बाबा साहेब को श्रद्धांजलि और सामाजिक न्याय
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि Delhi-Dehradun Economic Corridor जैसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की वकालत खुद बाबा साहेब करते थे, क्योंकि उनका मानना था कि औद्योगीकरण और बेहतर सड़कें ही गरीबों और वंचितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था दे सकती हैं। पीएम ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद अब पूरे देश में बाबा साहेब का संविधान पूर्ण रूप से लागू है और उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता (UCC) को आगे बढ़ाकर पूरे देश को राह दिखाई है।
डबल इंजन सरकार का संकल्प
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड जैसे युवा राज्य को विकास के नए आयामों पर ले जाना डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता है। Delhi-Dehradun Economic Corridor के बनने से उत्तराखंड में होमस्टे, स्थानीय हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़े युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे। यह कॉरिडोर आने वाले समय में उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक बनकर उभरेगा।
Delhi-Dehradun Economic Corridor का उद्घाटन उत्तराखंड की प्रगति की दिशा में एक मील का पत्थर है। यह प्रोजेक्ट न केवल सफर को आसान बनाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि के बीच एक बेहतरीन संतुलन भी पेश करेगा। प्रधानमंत्री की इस सौगात से अब दिल्ली से पहाड़ों की दूरी सिमट गई है, जिससे राज्य के पर्यटन और बुनियादी ढांचे को एक नई मजबूती मिलेगी।
यह भी पढ़ें: मुजफ्फरनगर को मिली ₹951 करोड़ की सौगात, CM Yogi ने दी विकास परियोजनाओं की मंजूरी