Uttar Pradesh: को $1 ट्रिलियन (एक लाख करोड़ डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के औद्योगिक विकास को एक नई और अभूतपूर्व रफ्तार दी है। गुरुवार को राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री ने ‘इन्वेस्ट यूपी’ (Invest UP) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य में आगामी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 (GBC 5.0) के जरिए 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने का पूरा खाका (ब्लू प्रिंट) अंतिम रूप से तैयार कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि निवेश का लाभ केवल चुनिंदा बड़े शहरों तक सीमित न रहकर प्रदेश के हर एक जनपद तक पहुंचना चाहिए। इससे क्षेत्रीय आर्थिक असमानता दूर होगी, स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और अंततः नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
8 विशेष जोन में दिखेगा Uttar Pradesh का औद्योगिक ट्रांसफॉर्मेशन
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष GBC 5.0 के पूरे आयोजन, स्टेज डिजाइन, पाथवे और एग्जीबिशन लेआउट का विस्तार से ब्योरा प्रस्तुत किया गया। इस महा-आयोजन की मुख्य प्रदर्शनी (Exhibition) को 8 विशेष सेक्टोरल जोन में विभाजित किया गया है, जो यूपी की बदलती तस्वीर को बयां करेंगे:
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जोन 1 (Why UP): इसमें Uttar Pradesh के बदले हुए सुरक्षित परिदृश्य और सुगम बिजनेस माहौल को प्रदर्शित किया जाएगा।
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जोन 2 (Infrastructure Transformation): Uttar Pradesh के एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट्स और मजबूत कनेक्टिविटी की झलक।
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जोन 3 (Defense & Aerospace): Uttar Pradesh डिफेंस कॉरिडोर की प्रगति और एयरोस्पेस क्षेत्र की क्षमताएं।
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जोन 4 (EV & Green Energy Sustainability): इलेक्ट्रिक वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते कदम।
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जोन 5 (Electronics Manufacturing): हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण हब के रूप में उभरता Uttar Pradesh।
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जोन 6 (Textiles): कपड़ा उद्योग और पारंपरिक ओडीओपी (ODOP) का आधुनिक स्वरूप।
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जोन 7 (Tourism): धार्मिक, आध्यात्मिक और हेरिटेज टूरिज्म में आई क्रांति।
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जोन 8 (Food Processing): कृषि प्रधान Uttar Pradesh में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में आए सार्थक बदलाव।
यूपी को मिला ‘Exemplar Award’; लखनऊ में होगा डिफेंस व FDI कॉन्क्लेव
औद्योगिक नीतियों को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए Uttar Pradesh को ‘एग्जेम्प्लर अवार्ड’ (Exemplar Award) से नवाजा गया है। इसी गति को बनाए रखने के लिए जल्द ही लखनऊ में ‘यूपी रक्षा और एफडीआई (FDI) कॉन्क्लेव 2026’ का भव्य आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्योगों की स्थापना के लिए लैंडबैंक (Landbank) का दायरा तेजी से बढ़ाया जाए। साथ ही, जिन प्रोजेक्ट्स को वर्षों पहले भूमि आवंटित की गई थी लेकिन निवेश शुरू नहीं हुआ, उनकी अद्यतन समीक्षा कर भूमि वापस ली जाए। निवेशकों का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें दिए जाने वाले इंसेंटिव्स (Incentives) के वितरण को एक बड़े ‘इवेंट’ के रूप में आयोजित किया जाएगा।
इन्वेस्ट यूपी डेस्क रिपोर्ट: किस सेक्टर और देश से आ रहा है कितना निवेश?
समीक्षा बैठक में विभिन्न सेक्टोरल और कंट्री (देशवार) डेस्क के कामकाज का जो ब्योरा रखा गया, वह बेहद उत्साहजनक और चौंकाने वाला है:
| विशेष इन्वेस्ट यूपी डेस्क (Sector & Country) | प्राप्त/संभावित निवेश प्रस्ताव (करोड़ रुपये में) |
| स्टील एंड सीमेंट डेस्क (Steel & Cement) | ₹12,232 करोड़ |
| इलेक्ट्रॉनिक्स डेस्क (Electronics) | ₹8,050 करोड़ से अधिक |
| जीसीसी डेस्क (GCC Desk) | ₹2,487 करोड़ |
| टेक्सटाइल्स डेस्क (Textiles) | ₹1,321 करोड़ |
| ऑटोमोबाइल डेस्क (Automobile) | ₹722 करोड़ |
| जापान कंट्री डेस्क (Japan) | ₹50,000 करोड़ (संभावित) |
| सिंगापुर कंट्री डेस्क (Singapore) | ₹40,000 करोड़ (संभावित) |
| जर्मनी और यूके डेस्क (Germany & UK) | ₹5,000 करोड़ |
| यूएई डेस्क (UAE) | ₹2,074 करोड़ |
| दक्षिण कोरिया डेस्क (South Korea) | ₹1,600 करोड़ |
सीएम योगी ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब अपनी पुरानी पारंपरिक छवि को पूरी तरह पीछे छोड़ चुका है। यूपी अब डिफेंस, ग्रीन एनर्जी, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का राष्ट्रीय और वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है। यह नई औद्योगिक और एफडीआई नीति न सिर्फ उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगी, बल्कि वैश्विक निवेशकों के लिए भी यूपी को निवेश की पहली पसंद बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।






