Bulandshahr Triple Murder News: उत्तर प्रदेश के Bulandshahr से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई है। इस गोलीबारी में तिहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी और 50 हजार का इनामी बदमाश जीतू सैनी मारा गया है। यह वही आरोपी था जिसने कुछ समय पहले मामूली विवाद में तीन लोगों की जान ले ली थी। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्वाट टीम और स्थानीय पुलिस इस आरोपी की तलाश में काफी समय से जुटी हुई थी।

कैसे शुरू हुई गोलीबारी?
Bulandshahr एसएसपी दिनेश कुमार सिंह के मुताबिक, गुरुवार की सुबह जब स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस झाझर मार्ग सिकंदरपुर फ्लाइओवर के निकट गश्त कर रही थी, तभी उन्हें एक स्कूटी पर दो संदिग्ध लोग दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो वे रुकने के बजाय कच्चे रास्ते की तरफ भागने लगे।
जब पुलिस ने पीछा किया, तो स्कूटी सवार बदमाशों ने सीधे पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस अचानक हमले में स्वाट टीम प्रभारी मोहम्मद असलम और हेड कांस्टेबल मोहित मलिक को गोली लग गई और वे घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने भी अपना बचाव करते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें जीतू सैनी को गोली लगी।

मामूली विवाद और तीन हत्याएं
इस पूरे मामले की जड़ में एक बहुत ही छोटी सी बात थी। दरअसल, खुर्जा के एक जिम में जीतू सैनी की बर्थडे पार्टी चल रही थी। वहाँ चेहरे पर केक लगाने को लेकर जीतू की मनीष नाम के एक युवक से बहस हो गई। यह बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर जीतू ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में मनीष, उसके चचेरे भाई अमरदीप और भतीजे आकाश की मौत हो गई थी। इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था क्योंकि आरोपी और शिकार हुए लोग अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े बताए जा रहे थे।
मामले में अमरदीप के पिता सरूप की शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपित जीतू सैनी समेत दस के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस विवेचना में सोनू सैनी का नाम भी प्रकाश में आया। पुलिस द्वारा रूपेश, नरेश, मयंक, रिंकू, भारत को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। जेल गए आरोपितों में से मयंक, रिंकू और भारत से भी पुलिस की मुठभेड़ हुई थी। पुलिस टीम लगातार फरार आरोपितों की तलाश में लगी हुई थी।

अस्पताल में घोषित किया गया मृत
Bulandshahr मुठभेड़ के बाद घायल जीतू सैनी को तुरंत जटिया अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया।। पुलिस ने मौके से .32 बोर पिस्टल, कारतूस और स्कूटी बरामद की है और फोरेंसिक टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
अपराध का अंत हमेशा बुरा ही होता है। जिस जीतू सैनी ने एक छोटी सी बात पर तीन घरों के चिराग बुझा दिए थे, आज वह खुद पुलिस की कार्रवाई में मारा गया। इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।
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