बदायूं। लोक निर्माण विभाग (लो.नि.वि.) के प्रान्तीय खण्ड कार्यालय में अफसरों के व्यवहार को लेकर कर्मचारियों और अभियन्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। कर्मचारियों ने सहायक अभियन्ता पर अभद्र, अमानवीय और जातिसूचक भाषा के प्रयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों और लंबित समस्याओं के निस्तारण न होने से नाराज संघों ने 19 जनवरी को प्रान्तीय खण्ड कार्यालय के सामने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार, सहायक अभियन्ता द्वारा संघ के उपाध्यक्ष एवं खण्डीय अमीन से दूरभाष पर गाली-गलौच कर अपमानित किया गया। आरोप है कि बातचीत के दौरान न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, बल्कि जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल हुआ, जिससे कर्मचारियों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसके साथ ही वर्क एजेन्ट, बेलदार और मेट को सरकारी दायित्वों से इतर निजी आवास पर बुलाकर घरेलू कार्य कराने और अपमानित करने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं।

डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने अधिशासी अभियन्ता की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। संघ का कहना है कि 3 दिसंबर 2025 को अधिशासी अभियन्ता के साथ हुई वार्ता के बावजूद आज तक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। बार-बार अनुरोध के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से कार्यालय का माहौल लगातार खराब होता जा रहा है।
अवर अभियन्ताओं को कक्ष और सरकारी आवास में बुलाकर अनावश्यक गाली-गलौच और मानसिक उत्पीड़न किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि गुणवत्ता सुधार से जुड़े सुझावों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग के नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ ने भी अपने सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार और जातिसूचक भाषा के प्रयोग की शिकायतें दर्ज कराई हैं।
इन सभी मुद्दों को लेकर प्रान्तीय खण्ड, निर्माण खण्ड और निर्माण खण्ड-2 की खण्डीय कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 19 जनवरी को सुबह 11 बजे से प्रान्तीय खण्ड परिसर में धरना दिया जाएगा। इसके बाद शाम को एक व्यापक बैठक कर आगे की आंदोलनात्मक रणनीति घोषित की जाएगी।
संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का शीघ्र और सम्मानजनक समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी।






