Jalaun accident: यह दुखद घटना जालौन जिले के कालपी थाना क्षेत्र की है। ललितपुर के महरौनी निवासी शशिकांत तिवारी अपने परिवार और करीबियों के साथ अयोध्या में मूर्तियों का विसर्जन और दर्शन करने गए थे। सोमवार तड़के करीब 6 बजे जब वे वापस लौट रहे थे, तभी जोल्हूपुर मोड़ के पास उनकी टवेरा कार आगे चल रहे एक ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और कार के अंदर सवार लोग बुरी तरह फंस गए।
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कालपी टवेरा एक्सीडेंट की बड़ी वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में जो बात सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली और सबक देने वाली है। बताया जा रहा है कि ड्राइवर को अचानक झपकी आ गई थी, जिसके कारण वह गाड़ी पर नियंत्रण खो बैठा। गाड़ी की रफ्तार करीब 100 किमी प्रति घंटा थी।
सबसे दुखद बात यह रही कि कार में सवार किसी भी व्यक्ति ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। सीट बेल्ट न होने के कारण हादसे के समय कार के एयरबैग्स भी नहीं खुले, जिससे लोगों को सीधे तौर पर गंभीर चोटें आईं और 6 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
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अयोध्या दर्शन हादसा: श्रद्धालुओं की तड़प और बचाव कार्य
हादसे के बाद का मंजर रूह कंपा देने वाला था। स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन गाड़ी ऐसी पिचक गई थी कि घायलों को निकालना मुमकिन नहीं था। करीब 30 मिनट तक लोग कार के अंदर ही फंसे रहे। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गैस कटर की मदद से कार के दरवाजों को काटा और लोगों को बाहर निकाला।
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Jalaun में मृतकों और घायलों की स्थिति
डीएम राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक, इस हादसे में शशिकांत त्रिपाठी, कृष्णकांत नायक, दीपक तिवारी, स्वामी प्रसाद तिवारी, मनोज भोंडले और देशराज नामदेव की मृत्यु हो गई है। वहीं हरिमोहन, अंशुल, शिवानंद और भूषण तिवारी का इलाज चल रहा है, जिन्हें गंभीर हालत में कानपुर रेफर किया गया है।
यह हादसा हमें याद दिलाता है कि सफर चाहे कितना भी लंबा हो, सुरक्षा नियमों की अनदेखी जानलेवा हो सकती है। गाड़ी चलाते समय नींद आने पर तुरंत रुकें और सीट बेल्ट का प्रयोग जरूर करें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी सावधानी परिवार का चिराग बुझने से बचा सकती है।
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