Barabanki Flood: Nepal से लगातार पानी छोड़े जाने के चलते बाराबंकी में घाघरा यानी सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 50 सेंटीमीटर ऊपर है। रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट तहसील के सैकड़ों गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा और बढ़ गया है।
रामनगर के हेतमापुर गांव में सरयू नदी तेजी से कटान करते हुए आबादी तक पहुंच गई है। अब तक करीब 14 मकान नदी की धारा में समा चुके हैं। पक्के मकानों को नदी में बहता देख ग्रामीणों में दहशत है। लोग खुद मकान तोड़कर ईंट, दरवाजे, खिड़कियां, टीनशेड और जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन प्रभावित लोगों को लंच पैकेट और राहत किट वितरित करा रहा है। डीएम ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में करीब एक महीने से बाढ़ के हालात हैं और तीन तहसीलें प्रभावित हैं। प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी और राहत-बचाव में जुटी हैं। उन्होंने बताया कि नदी में मकान बहने वाले पात्र लोगों को नियमानुसार पट्टे की जमीन दी जाएगी और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास भी बनवाए जाएंगे।
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