Ayushmann Khurrana – Tusshar Kapoor: बॉलीवुड की दुनिया बाहर से जितनी रंग-बिरंगी और चकाचौंध भरी लगती है, अंदर से इसके कई पहलू काफी डरावने भी होते जा रहे हैं। इन दिनों फिल्मी सितारों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गई है। हाल ही में टाइगर श्रॉफ से जुड़ी एक घटना के बाद, अब अभिनेता आयुष्मान खुराना और तुषार कपूर को धमकी मिलने का मामला सामने आया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मुंबई पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को बेंगलुरु से दबोच लिया है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला और किस तरह से आरोपी ने सितारों को डराने की कोशिश की थी।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर मांगी गई थी फिरौती
हाल ही में बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता तुषार कपूर और आयुष्मान खुराना को जान से मारने की धमकी और करोड़ों रुपये की रंगदारी के संदेश मिले थे। तुषार कपूर को 3 नवंबर और आयुष्मान खुराना को 4 नवंबर को यह धमकी भरा ऑडियो मैसेज मिला था। मैसेज भेजने वाले शख्स ने खुद को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य ‘हैरी बॉक्सर’ बताया और इन एक्टर्स से पांच करोड़ रुपये की भारी-भरकम फिरौती की मांग की।
इस तरह की धमकी मिलने के बाद तुषार कपूर ने तुरंत इसकी सूचना मुंबई पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एंटी-एक्सटॉर्शन सेल और क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। मुंबई पुलिस की टेक्निकल टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए उस ऑडियो रिकॉर्डिंग की गहराई से जांच शुरू कर दी और आवाज का मिलान ‘हैरी बॉक्सर’ के पुराने आधिकारिक ऑडियो सैंपल से किया। जांच में यह सामने आया कि दोनों आवाजें आपस में मेल नहीं खाती हैं।
आईटी इंजीनियर निकला आरोपी, कई अन्य लोगों को भी भेजा था मेल
जब पुलिस ने इस मामले की तकनीकी जांच की परतें खोलीं, तो एक हैरान करने वाला सच सामने आया। मुंबई पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किया गया आरोपी कोई पेशेवर गैंगस्टर नहीं, बल्कि बेंगलुरु का एक 30 साल का आईटी इंजीनियर है जिसका नाम वैभव मिश्रा है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि वैभव का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। उसने केवल डर फैलाने और खुद को शातिर दिखाने के लिए इस तरह के थ्रेट मेल और ऑडियो मैसेज भेजे थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उसने ऐसे मेल और कितने लोगों को भेजे हैं।







