Assam में मानसून के साथ ही बाढ़ (flood) की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। राज्य के 25 जिलों में पानी भर जाने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने शुक्रवार को बताया कि राज्य में अब तक 10.6 लाख से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं।
सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों तक भोजन, पीने का साफ पानी और जरूरी दवाइयां पहुंचाने के लिए राहत कार्य लगातार जारी हैं।
25 जिलों के 2 हजार से ज्यादा गांव जलमग्न
मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए ताजा बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ का असर राज्य के 25 जिलों, 77 राजस्व सर्किलों और 2,023 गांवों तक फैल चुका है। बेघर हुए लोगों की मदद के लिए 162 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 41 हजार से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा भोजन और राशन सामग्री बांटने के लिए 1,072 सहायता वितरण केंद्र भी शुरू किए गए हैं।
47 लोगों ने गंवाई जान, कई अब भी लापता
बाढ़ की वजह से अब तक 47 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा नुकसान शिवसागर (21 मौतें), चराइदेव (10) और जोरहाट (8) जिलों में हुआ है। इसके अलावा 8 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं। अब तक करीब 28,912 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है।
सैकड़ों मकान पूरी तरह तबाह
पानी के तेज बहाव के कारण 401 मकान पूरी तरह बह गए हैं या नष्ट हो चुके हैं, जबकि 1,800 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा है कि वह जल्द ही एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे, जिसमें पूरे राज्य में चल रहे राहत कार्यों का जायजा लिया जाएगा और आगे की मदद तय की जाएगी।
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