आगरा साइबर गिरोह का भंडाफोड़, चार शातिर साइबर ठग गिरफ्तार, 10 करोड़ की ठगी

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आगरा में पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना सिकंदरा पुलिस, साइबर क्राइम थाना और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने साइबर ठगों के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 करोड़ रूपये से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा किया है..यह गिरोह दुबई में बैठे मास्टरमाइंड के इशारों पर काम कर रहा था और ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी के जरिए देशभर में ठगी को अंजाम दे रहा था।पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 लाख से अधिक नकद, 78 एटीएम,डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई बैंकों से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांन्फ्रेंस में अपर पुलिस आयुक्त आदित्य ने बताया कि पकडे गए सभी गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और दुबई कनेक्शन की पुलिस गहराई से जांच में जुटी है।

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ऑनलाइन गेमिंग ऐप से 10 करोड़ से ज्यादा की ठगी का खुलासा

थाना सिकंदरा पुलिस और साइबर सेल ने ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2.16 लाख रुपये नकद, करीब 78 डेबिट कार्ड, 18 सिम कार्ड, 14 मोबाइल फोन, चार फर्जी आधार कार्ड समेत बैंक खातों से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में हुई 10 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की रकम बैंकों से निकालकर दुबई में बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचा चुका है।

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दुबई से ऑपरेट हो रहा था पूरा साइबर ठगी नेटवर्क, महादेव, अन्नारेड्डी और सुपर 100 ऐप से करते थे ठगी

पुलिस के अनुसार इस पूरे नेटवर्क को फिरोजाबाद के थाना मटसेना क्षेत्र के बालचंदपुर निवासी मोनू संचालित कर रहा था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। डीसीपी पश्चिम और साइबर अपराध के अधिकारी आदित्य कुमार ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग एप महादेव, अन्नारेड्डी और सुपर 100 के माध्यम से ठगी के बाद रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी, जिसे बाद में डेबिट कार्ड और एटीएम के जरिए निकाला जाता था। एनसीआरबी पोर्टल पर दर्ज 31 शिकायतों में करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी की रकम आगरा से निकाले जाने की पुष्टि हुई है।

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अशोक वैन्यू अपार्टमेंट से मिल रही थी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना

इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि सिकंदरा क्षेत्र स्थित अशोक वैन्यू अपार्टमेंट के एक फ्लैट में रहने वाले कुछ युवक साइबर अपराध से जुड़े हैं और रोजाना अलग-अलग बैंकों व एटीएम से रुपये निकालते देखे जा रहे हैं। इसके बाद थाना सिकंदरा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने शनिवार रात कार्रवाई करते हुए फिरोजाबाद जिले के मटसेना थाना क्षेत्र के गांव जमालपुर निवासी हिमांशु, रसूलपुर थाना क्षेत्र के एलान नगर निवासी आशीष, मटसेना के हमीरपुर गांव निवासी सूरज और एका थाना क्षेत्र के श्यामो गांव निवासी रामू को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों के पास से चार फर्जी आधार कार्ड, विभिन्न व्यक्तियों व बैंकों के 78 डेबिट कार्ड, 14 मोबाइल, दो मुहर, एक इंक पैड, दो राउटर, चार टाइपिंग की-बोर्ड, 29 चेकबुक, 37 पासबुक, दो लैपटॉप, 2.16 लाख रुपये नकद और 18 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि किसी खाते के फ्रीज होते ही आरोपी उसे बंद कर दूसरे खाते का इस्तेमाल शुरू कर देते थे।

दुबई बैठे आरोपी के कंप्यूटर और मोबाइल आईपी एड्रेस पुलिस को मिले

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ऑनलाइन गेमिंग एप और अन्य तरीकों से की गई साइबर ठगी की रकम का पूरा लेन-देन दुबई में बैठा आरोपी नियंत्रित करता था। उसके कंप्यूटर और मोबाइल के आईपी एड्रेस पुलिस के हाथ लगे हैं। वह स्थानीय लोगों को कमीशन देकर उनके बैंक खातों की जानकारी हासिल करता, खातों में आई रकम उन्हीं से निकलवाकर दूसरे खातों के जरिए अपने पास मंगवाता और फिर अलग-अलग साइबर ठगों तक रकम पहुंचाता था। इस प्रक्रिया में खातों की चेन टूट जाती थी, जिससे पुलिस तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था। पूरे नेटवर्क में सभी का कमीशन तय रहता था।

ठगी की रकम में 40 प्रतिशत आपस में बांटते थे आरोपी

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मोनू के साथ मिलकर साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी का काम करते थे। लोगों को लालच देकर उनके दस्तावेजों से बैंक खाते खुलवाए जाते, एटीएम कार्ड और पासबुक अपने पास रख ली जाती और उन्हीं आईडी पर सिम कार्ड जारी कराए जाते थे। ऑनलाइन सट्टा और साइबर ठगी से मिली रकम को आरोपी खुद ही बैंक और एटीएम से निकालते थे, जिसमें से 40 प्रतिशत हिस्सा आपस में बांट लेते और बाकी रकम मोनू को सौंप देते थे।

कई राज्यों के खातों से जुड़ा मामला, ठगी की रकम बढ़ने की आशंका

गिरफ्तारी के बाद रविवार को बैंक बंद होने के कारण पुलिस अब संबंधित बैंकों से संपर्क कर खातों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बरामद खाते उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड और महाराष्ट्र के लोगों के नाम पर हैं। आशंका है कि इन खातों के जरिए और भी कई लोगों को ठगा गया है और ठगी की कुल रकम कई करोड़ रुपये तक हो सकती है।

यह भी पढ़ें: जनता दर्शन में सीएम योगी से बच्ची की गुहार, स्कूल एडमिशन का मिला भरोसा

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