Beans से कम हो सकता है कोलेस्ट्रॉल, लेकिन इन लोगों को रहना चाहिए सावधान, 7 बड़े फायदे

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Beans क्यों मानी जाती हैं हेल्दी फूड

हमारी रोजमर्रा की डाइट में कई ऐसी चीजें होती हैं जिनके फायदे हमें पूरी तरह पता नहीं होते। Beans भी उन्हीं में से एक है। आमतौर पर लोग इसे राजमा, लोबिया, काले चने या काबुली चने के रूप में खाते हैं, लेकिन पोषण के लिहाज से यह काफी अहम मानी जाती है। दरअसल Beans प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई जरूरी मिनरल्स का अच्छा स्रोत होती हैं। इनमें जिंक, पोटैशियम और फोलेट जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स अक्सर इसे संतुलित भोजन का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं।

आजकल कई रिसर्च भी यह बता रही हैं कि अगर Beans को सही मात्रा में डाइट में शामिल किया जाए तो यह हार्ट हेल्थ, पाचन और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकती हैं।

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रिसर्च में क्या सामने आया

अमेरिकन सोसाइटी फॉर न्यूट्रिशन के समिट “न्यूट्रिशन 2025” में पेश एक स्टडी में बताया गया कि रोज करीब एक कप Beans यानी काले बीन्स या छोले खाने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल और इंफ्लेमेशन कम हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल कम होने का मतलब है कि दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी कम हो सकता है। इसके अलावा Beans में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी मदद करता है।

कुछ शोध यह भी बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति रोजाना आधा कप Beans खाता है तो उसकी उम्र औसतन कुछ साल तक बढ़ सकती है। साल 2023 में ‘एडवांस इन न्यूट्रिशन’ जर्नल में प्रकाशित एक मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि रोज लगभग 50 ग्राम Beans खाने से समय से पहले मौत का जोखिम करीब 6 प्रतिशत तक कम हो सकता है।

लंबी उम्र से कैसे जुड़ी हैं

दुनिया में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें ‘ब्लू जोन’ कहा जाता है। यहां रहने वाले लोगों की औसत उम्र काफी ज्यादा होती है। इन इलाकों की डाइट में एक चीज लगभग हमेशा शामिल रहती है और वह है बीन्स।

ब्लू जोन वाले इलाकों में लोग रोजाना अपने भोजन में किसी न किसी रूप में बीन्स जरूर खाते हैं। यही वजह है कि पोषण विशेषज्ञ इसे लंबे समय तक स्वस्थ रहने वाली डाइट का अहम हिस्सा मानते हैं।

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Beans की अलग-अलग किस्में

अगर आप बाजार जाएं तो बीन्स की कई किस्में मिल जाएंगी। जैसे काली बीन्स, काबुली चना, राजमा, पिंटो बीन्स या लोबिया। इन सभी को पकाने का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है।

सूखी बीन्स सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती हैं। इन्हें पकाने से पहले कुछ घंटों तक पानी में भिगोना जरूरी होता है, ताकि यह नरम हो जाएं और पचने में आसान रहें।

इसके अलावा फ्रोजन या पहले से पकी हुई बीन्स भी बाजार में मिलती हैं, जिन्हें सिर्फ गरम करके खाया जा सकता है।

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पोषण के लिहाज से कितनी उपयोगी

पोषण के मामले में Beans काफी संतुलित मानी जाती हैं। इनमें प्लांट-बेस्ड प्रोटीन अच्छी मात्रा में होता है, जो खासतौर पर शाकाहारी लोगों के लिए उपयोगी है।

इसके साथ ही इनमें आयरन, पोटैशियम, फोलेट और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं। अच्छी बात यह है कि बीन्स में सोडियम कम होता है और यह पूरी तरह कोलेस्ट्रॉल-फ्री होती हैं।

लगभग 100 ग्राम पकी हुई बीन्स में प्रोटीन, फाइबर और कई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मिलते हैं, जो शरीर की कई जरूरी जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं।

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हार्ट हेल्थ के लिए कैसे फायदेमंद

दिल की सेहत के लिए फाइबर काफी जरूरी माना जाता है। बीन्स में सॉल्युबल फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL को कम करने में मदद करता है।

जब कोलेस्ट्रॉल कम होता है तो धमनियों में चर्बी जमने का खतरा भी कम होता है। इससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी समस्याओं का जोखिम घट सकता है।

इसके अलावा बीन्स में मौजूद मैग्नीशियम और पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। इसलिए नियमित मात्रा में बीन्स खाना हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है।

क्या डायबिटिक लोग खा सकते हैं

डायबिटीज के मरीजों के लिए भी बीन्स एक अच्छा विकल्प मानी जाती हैं। इनमें फाइबर ज्यादा होता है और यह धीरे-धीरे पचती हैं।

इस वजह से ब्लड शुगर अचानक तेजी से नहीं बढ़ती। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन भी डायबिटिक लोगों को अपनी डाइट में बीन्स शामिल करने की सलाह देता है।

गहरे रंग वाली बीन्स ज्यादा फायदेमंद क्यों

हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि गहरे रंग की बीन्स में एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा ज्यादा होती है।

कुछ स्टडीज के अनुसार काली बीन्स के छिलकों में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। इससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है और कई बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है।

रोज कितनी मात्रा सही

अमेरिकन डाइटरी गाइडलाइंस 2020–2025 के अनुसार हफ्ते में 1 से 3 कप बीन्स, मटर और दालें खाना सेहत के लिए ठीक माना जाता है।

अगर इसे रोज की मात्रा में समझें तो करीब आधा कप बीन्स रोजाना खाना पर्याप्त माना जाता है।

किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए

हालांकि Beans सेहत के लिए अच्छी मानी जाती हैं, लेकिन हर व्यक्ति के लिए यह समान रूप से उपयुक्त नहीं होती।

जिन लोगों को गैस, पेट फूलने या एसिडिटी की समस्या रहती है, उन्हें बीन्स सीमित मात्रा में खानी चाहिए। इसी तरह IBS या कमजोर पाचन वाले लोगों को भी इसे धीरे-धीरे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

इसके अलावा कच्ची या अधपकी बीन्स कभी नहीं खानी चाहिए, क्योंकि इससे पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है।

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रोजमर्रा की डाइट में कैसे शामिल करें

अगर आप अपनी डाइट में बीन्स शामिल करना चाहते हैं तो इसके कई आसान तरीके हैं।

  • राजमा, लोबिया या काबुली चने को सब्जी या दाल की तरह पकाकर खाया जा सकता है।

  • उबले हुए चने या बीन्स को सलाद में मिलाकर हल्का और फाइबर-रिच भोजन बनाया जा सकता है।

  • नाश्ते में स्प्राउट्स या चाट के रूप में भी इसे खाया जा सकता है।

  • सूप, खिचड़ी या सब्जियों में थोड़ा-सा मिलाने से भोजन का पोषण बढ़ जाता है।

बीन्स पोषण से भरपूर भोजन है जिसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी मिनरल्स होते हैं जो शरीर के लिए उपयोगी हैं। अगर सही मात्रा में और सही तरीके से बीन्स खाई जाएं तो यह दिल की सेहत, पाचन और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।

यह भी पढ़ें: Saras Mela 2026 में उमड़ी भीड़, कैलाश खेर के गीतों पर झूमा पूरा पंडाल

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