सुपर-8 के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद टीम इंडिया पर दबाव साफ दिख रहा था। लेकिन क्रिकेट की यही खूबसूरती है—एक मैच सब कुछ बदल देता है। रविवार को कोलकाता के ईडन गार्डेंस में वेस्टइंडीज के खिलाफ हुए मुकाबले में भारत ने वापसी की और T20 WC में सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया। इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन, जिन्होंने अहम समय पर जिम्मेदारी निभाई। यह मुकाबला सिर्फ एक जीत नहीं था, बल्कि रणनीति में बदलाव और आत्मविश्वास की वापसी की कहानी भी था।
T20 WC में रणनीति बदलाव का असर
दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद टीम मैनेजमेंट ने प्लेइंग इलेवन में बदलाव किया। निचले मध्यक्रम में खेल रहे रिंकू सिंह की जगह संजू सैमसन को मौका दिया गया। साथ ही बाएं-दाएं संयोजन पर ध्यान देते हुए ओपनिंग में भी फेरबदल किया गया। लगातार बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ विपक्षी टीमें ऑफ स्पिनरों के साथ आ रही थीं। ऐसे में कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने संतुलन बनाने का फैसला किया। T20 WC जैसे बड़े टूर्नामेंट में छोटी रणनीतिक बातें भी बड़ा फर्क डालती हैं, और इस मैच में वही देखने को मिला।

संजू सैमसन की जिम्मेदारी भरी पारी
जब टीम 41 रन पर दो विकेट खो चुकी थी, तब मैदान पर आए संजू सैमसन। शुरुआत में उन्होंने समय लिया, लेकिन जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, उनका आत्मविश्वास साफ दिखने लगा।
50 गेंदों पर 97 रन की उनकी नाबाद पारी में 12 चौके और चार छक्के शामिल थे। आखिरी ओवर में जब जीत के लिए कुछ रन चाहिए थे, तब उन्होंने एक छक्का और चौका लगाकर मुकाबला खत्म कर दिया।
इस T20 WC में एक समय ऐसा भी आया जब वह टीम से बाहर थे। लेकिन मौके का इंतजार करना और सही समय पर प्रदर्शन करना ही खिलाड़ी की पहचान होती है। संजू ने वही किया।

गेंदबाजी में बुमराह का कमाल
बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी भारत ने संतुलन दिखाया। Jasprit Bumrah ने अपने दूसरे स्पेल में तीन गेंदों पर दो विकेट लेकर मैच का रुख बदला। उन्होंने शिमरोन हेटमायर और रोस्टन चेस को आउट कर वेस्टइंडीज की पारी को झटका दिया। हेटमायर का कैच खुद संजू सैमसन ने पकड़ा। इस T20 WC में बुमराह की सटीक गेंदबाजी टीम के लिए लगातार फायदेमंद रही है।
पावरप्ले में विकेट नहीं मिलने के बावजूद मध्य ओवरों में उन्होंने नियंत्रण बनाए रखा। यही वजह रही कि वेस्टइंडीज 200 के पार नहीं जा सका।

कैच छूटे, फिर भी संभली टीम
भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। हालांकि शुरुआती ओवरों में विकेट नहीं मिले और कुछ कैच भी छूटे। अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा से मौके छूटे, जिससे वेस्टइंडीज को रन बनाने का मौका मिला।
रोस्टन चेस, रोवमन पावेल और जेसन होल्डर ने मिलकर अच्छा स्कोर खड़ा किया। पावेल और होल्डर के बीच 76 रन की साझेदारी ने भारत के लिए चुनौती बढ़ा दी। वेस्टइंडीज ने 14.1 ओवर में रदरफोर्ड के तौर पर चौथा विकेट खोया लेकिन इसके बाद पावेल और होल्डर ने कोई विकेट नहीं गिरने दिया। भारत के लिए 15 ओवर तक सबकुछ सही चल रहा था लेकिन 16वें ओवर में अर्शदीप सिंह बहक गए। उन्होंने इस ओवर में 24 रन दिए जिसमें वाइड पर दिए गए पांच रन शामिल हैं। पावेल ने इस ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाया।
लेकिन T20 WC जैसे टूर्नामेंट में वापसी करना ही असली ताकत होती है। भारत ने आखिरी ओवरों में रन गति पर रोक लगाई और लक्ष्य को साधारण दायरे में रखा।
बल्लेबाजी में संतुलन की वापसी
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। लगातार तीन मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद जिंबाब्वे के विरुद्ध पचासा मारने वाले अभिषेक क्षेत्ररक्षण के बाद बल्लेबाजी में भी फंसे-फंसे नजर आए। वह मुश्किल से 11 गेंद पर 10 रन बनाकर आउट हो गए। ईशान ने भी दो चौके मारे। जब अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जल्दी आउट हो गए। इसके बाद संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव ने पारी संभाली।
सूर्य ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए और रन गति को बनाए रखा। तिलक वर्मा ने भी 27 रन की उपयोगी पारी खेली। हालांकि बीच में कुछ विकेट गिरे, लेकिन संजू एक छोर पर टिके रहे। नौ रन के निजी स्कोर पर होल्डर ने हार्दिक का कैच छोड़ा। उस समय भारत ने 16 ओवर में 161 रन बना लिए थे।
T20 WC के इस मुकाबले में उनका संयम ही भारत की जीत की नींव बना। आखिरी ओवरों में शिवम दुबे ने उनका साथ दिया और टीम को पांच विकेट से जीत मिली।
सेमीफाइनल की राह
इस जीत के साथ भारत ने T20 WC के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अब पांच मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड से मुकाबला होगा। सेमीफाइनल में पहुंचना आसान नहीं था, खासकर सुपर-8 की शुरुआत हार से करने के बाद। लेकिन टीम ने दिखाया कि अनुभव और संतुलन से मुश्किल हालात को बदला जा सकता है। इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला आसान नहीं होगा। उनकी बल्लेबाजी गहराई और तेज गेंदबाजी दोनों मजबूत हैं। ऐसे में भारत को शुरुआती ओवरों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
T20 WC के इस चरण में हर छोटी गलती महंगी पड़ सकती है। फील्डिंग में सुधार और पावरप्ले में विकेट लेना अहम रहेगा। क्रिकेट में हर मैच नई कहानी लिखता है। इस बार कहानी थी वापसी की। T20 WC में दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद जिस तरह टीम इंडिया ने संयम रखा और रणनीति बदली, वह काबिल-ए-गौर है।
संजू सैमसन की पारी और जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी ने दिखाया कि सही समय पर प्रदर्शन कितना मायने रखता है। अब नजरें सेमीफाइनल पर हैं, जहां भारत एक और जीत के साथ फाइनल की ओर कदम बढ़ाना चाहेगा। फिलहाल, इस जीत ने यह जरूर साबित कर दिया कि दबाव में भी टीम खुद को संभाल सकती है—और यही बड़े टूर्नामेंट की पहचान होती है।
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