जनपद Hapur में महाशिवरात्रि को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारी पूरी कर ली हैं जनपद हापुड़ की तीर्थ नगरी गढ़मुक्तेश्वर बृजघाट में 14 फरवरी से गंगा नदी से जल लेने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाएगा। जबकि दूर दराज के कावड़ियों द्वारा जल ले जाना प्रारंभ है। जो गंगा में स्नान कर भगवान आशुतोष को जलाभिषेक करने के लिए जल लेकर जा रहे हैं। जिससे हापुड़ की सड़के भगवा रंग में रंगी हुई हैं। बृजघाट शिवमय बना हुआ है। गंगा तट पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। गंगा नदी में नाविक गोताखोर तैनात किए जाएंगे । गंगा तट पर साफ सफाई की व्यवस्था के अतिरिक्त मंदिरों के आस पास भी सफाई कर्मी लगाए गए हैं।

महाशिवरात्रि और कांवड़ मेले को देखते हुए Hapur में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। हाईवे-9 पर आज दोपहर 12 बजे से हल्के और भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू है। यह व्यवस्था 16 फरवरी की शाम 4 बजे तक प्रभावी रहेगी। ऐसे में हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को रूट प्लान देखकर ही यात्रा करनी होगी।
राहुल यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 13 फरवरी से 16 फरवरी तक पूर्व से ही विज्ञापन दिया जा चुका है कि डायवर्जन लागू किया जा रहा है। कुल 08 जगहों पर डायवर्जन पॉइंट बनाया गया है। यातायात पुलिस वहां पर सुचारू रूप से निर्वहन करेगी।

जिले को तीन जोन और दस सेक्टरों में बांटा गया
कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिले को तीन जोन और दस सेक्टरों में विभाजित किया गया है। करीब 500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी विभिन्न स्थानों और शिवालयों पर लगाई गई है। इसके अलावा 14 क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) का गठन किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
गुंडा दमन दल और एंटी रोमियो टीम तैनात, संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्नैचिंग, छेड़छाड़ या मारपीट जैसी घटनाओं को रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड और गुंडा दमन दल को भी तैनात किया जाएगा। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिले में 55 स्थानों को संवेदनशील चिह्नित किया गया है, जहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। 22 प्रमुख बिंदुओं पर बैरिकेडिंग की गई है। हापुड़ के तीन प्रमुख मंदिरों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी, जबकि पांच स्थानों पर छोटे-बड़े मेलों का आयोजन होगा। प्रशासन का कहना है कि महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
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