सैरांग–सिलचर नई रेल सेवा शुरू, मिजोरम और असम के बीच मजबूत हुआ रेल संपर्क

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पूर्वोत्तर भारत के Rail Network को एक बड़ी सौगात मिली है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मिजोरम के सैरांग और असम के सिलचर को जोड़ने वाली नई रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन सप्ताह में पांच दिन चलेगी और इससे मिजोरम व असम के बीच रेल संपर्क पहले से कहीं अधिक मजबूत होगा।

इस अवसर पर मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा भी उपस्थित रहे। उन्होंने इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक्ट ईस्ट नीति का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसके तहत पूर्वोत्तर राज्यों में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है।

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ट्रेन का समय और संचालन

नई सैरांग–सिलचर रेलगाड़ी मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को सिलचर से दोपहर 1 बजे रवाना होकर शाम 6:30 बजे सैरांग पहुंचेगी।
वापसी में यह ट्रेन सोमवार, मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को सुबह 7 बजे सैरांग से चलकर दोपहर 12:30 बजे सिलचर पहुंचेगी।

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यात्रा होगी आसान और सुरक्षित

अब तक मिजोरम और असम के बीच यात्रा पहाड़ी और कठिन सड़कों पर निर्भर थी, जिसमें कई घंटे लगते थे। नई रेल सेवा शुरू होने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि यह सफर ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक और किफायती भी होगा। सैरांग स्टेशन, जो आइजोल के पास स्थित है, अब सीधे असम के प्रमुख शहर सिलचर से जुड़ गया है।

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स्थानीय लोगों को मिलेंगे बड़े फायदे

इस रेल सेवा से आम जनता को कई स्तरों पर लाभ मिलेगा:-

  • स्वास्थ्य सेवाएं: गंभीर मरीजों को सिलचर मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े अस्पतालों तक पहुंच आसान होगी।

  • शिक्षा: छात्रों को दूसरे राज्यों के शिक्षण संस्थानों तक सस्ती और सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिलेगा।

  • व्यापार और कृषि: मिजोरम के कृषि उत्पाद जैसे अनानास, अदरक और अन्य स्थानीय वस्तुएं बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंच सकेंगी।

गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर नई सुविधाएं

रेल मंत्री ने इस दौरान गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर आधुनिक यात्री सुविधाओं का भी उद्घाटन किया। स्टेशन पर वेटिंग एरिया, सूचना केंद्र और यात्री आतिथ्य सेवाओं को अपग्रेड किया गया है, जिससे पूर्वोत्तर आने वाले यात्रियों और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।

पूर्वोत्तर विकास की दिशा में अहम कदम

सैरांग–सिलचर रेल सेवा और गुवाहाटी स्टेशन का कायाकल्प यह साफ दर्शाता है कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर भारत को देश की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। आने वाले समय में यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।

यह भी पढ़े- भारत–मॉरीशस संबंधों को नई गति: पीएम मोदी और मॉरीशस पीएम नवीनचंद्र रामगुलाम के बीच फोन वार्ता

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