ग्रेटर नोएडा में कथित धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार; प्रार्थना सभा स्थल सील

ग्रेटर नोएडा

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ग्रेटर नोएडा के थाना बीटा-2 क्षेत्र में पुलिस ने गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता और बीमारी ठीक करने का झांसा देकर ईसाई धर्म में मतांतरण के लिए उकसाने वाले एक कथित गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने सुरेश कुमार और चंद्रकिरण दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ उत्तर प्रदेश धर्मांतरण प्रतिषेध कानून के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

यह कथित गतिविधि सेक्टर-36 के बी-ब्लॉक स्थित बी-224 नंबर दो मंजिला मकान में चल रही थी, जहां मकान के बेसमेंट में एक प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी।

प्रार्थना सभा में मिले करीब 70 लोग

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार दोपहर बेसमेंट में आयोजित प्रार्थना सभा में लगभग 60 से 70 महिला और पुरुष मौजूद थे। इसी सेक्टर में रहने वाले मोहन सिंह को सूचना मिली थी कि मकान में ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना सभाओं के माध्यम से लोगों को पैसे और अन्य लाभों का लालच देकर मतांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

सूचना मिलने पर मोहन सिंह मौके पर पहुंचे, जहां मौजूद लोगों से उनका विवाद हो गया। इसके बाद उन्होंने बाहर निकलकर बेसमेंट का गेट बंद कर दिया और पुलिस को सूचना दी।

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सूचना पर पहुंची पुलिस, आरोपियों से हुई नोकझोंक

सूचना मिलते ही डायल-112 टीम, थाना प्रभारी विनोद कुमार और आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अजय भाटी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना अनुमति बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र कर प्रार्थना सभा आयोजित करने पर आपत्ति जताई। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस से नोकझोंक करने का भी प्रयास किया।

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पुलिस ने मौके से सुरेश कुमार और चंद्रकिरण को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि सुरेश कुमार मूल रूप से राजस्थान के बांसवाड़ा जिले का निवासी है और वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के सिग्मा-2 क्षेत्र में रह रहा था।

धार्मिक सामग्री बरामद, मकान सील

पुलिस ने बेसमेंट में बने प्रार्थना सभा स्थल से बड़ी मात्रा में ईसाई धर्म से संबंधित धार्मिक पुस्तकें, क्रॉस के चिन्ह, मोमबत्तियां और अन्य सामग्री बरामद की है। पुलिस ने मकान और उसमें रखी गई धार्मिक सामग्री को सील कर दिया है।

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प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने किसी भी तरह के जबरन या लालच देकर मतांतरण से इनकार किया है। उनका दावा है कि वे गरीब बच्चों को निशुल्क पढ़ाने और जरूरतमंदों की मदद करते थे। दोनों आरोपियों ने स्वयं के ईसाई धर्म अपनाने से भी इनकार किया है।

जांच जारी, न्यायिक हिरासत में आरोपी

हालांकि, पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर प्रार्थना सभाओं के माध्यम से लोगों को मतांतरण के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

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