उन्नाव में महिला सुरक्षा के लिए 21 शक्ति वाहिनी स्कूटी कांस्टेबलों को ड्यूटी पर रवाना किया गया,

लखनऊ जोन के एडीजी सुजीत पांडे ने उन्नाव पुलिस लाइन का दौरा किया

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उन्नाव: महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लखनऊ जोन के एडीजी सुजीत पांडे ने उन्नाव पुलिस लाइन का दौरा किया और महत्वपूर्ण कदम उठाए। इस अवसर पर उन्होंने 21 शक्ति वाहिनी स्कूटी महिला कांस्टेबलों को ड्यूटी पर रवाना किया। यह दल महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात होकर अपराध नियंत्रण में सक्रिय रहेगा।

इस दल में कुल 42 महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में गश्त करेंगे और तत्काल प्रतिक्रिया देकर पीड़ित महिलाओं की मदद सुनिश्चित करेंगे। एडीजी सुजीत पांडे ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और कोई भी अराजकता फैलाने वाला बच नहीं पाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और सरकार इसके लिए लगातार पहल कर रही है।

इस मौके पर एडीजी ने ‘नन्हे फरिश्ते कक्ष’ का उद्घाटन भी किया, जिसका उद्देश्य बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यह कक्ष महिला एवं बाल सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है और इससे पीड़ितों को मानसिक और कानूनी सहायता आसानी से उपलब्ध होगी।

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महिला कांस्टेबलों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि स्कूटी गश्त से उन्हें आपात परिस्थितियों में तेजी से प्रतिक्रिया देने और पीड़ित महिलाओं तक तुरंत पहुँचने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह पहल महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाएगी और समाज में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाएगी।

उन्नाव पुलिस की इस पहल को स्थानीय नागरिकों ने भी सराहा। स्कूटी गश्त से पुलिसकर्मी छोटे और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में आसानी से पहुँच सकेंगे, जिससे महिलाओं पर हो सकने वाले अपराधों की रोकथाम और नियंत्रण बेहतर होगा। एडीजी सुजीत पांडे ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास और सुरक्षा का भरोसा देना भी है।

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इस अभियान के तहत महिला कांस्टेबलों को विशेष प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे गश्त के दौरान उच्च स्तर की सतर्कता और संवेदनशीलता बनाए रखें। अधिकारीयों ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसे दलों की संख्या बढ़ाकर पूरे जिले में महिला सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने की योजना है।

इस तरह उन्नाव पुलिस की यह नई पहल महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था और समाज में विश्वास की भावना को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। स्कूटी गश्त और नन्हे फरिश्ते कक्ष जैसी व्यवस्थाओं से न केवल अपराधों की रोकथाम संभव होगी, बल्कि महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा का भरोसा भी मिलेगा।

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