उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पंजीकृत 225 जोड़ों में से शनिवार को 213 जोड़ों का विवाह उनके-अपने धर्म की परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ। इस दौरान 168 हिंदू जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फेरे लिए, 8 मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया, जबकि 37 जोड़ों ने बौद्ध रीति से विवाह किया।
इस सामूहिक विवाह समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा और जिले की प्रभारी मंत्री गुलाब देवी मौजूद रहीं। केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सरकार ने सहायता राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति जोड़ा कर दी है। प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों का भव्य तरीके से विवाह कराना पहले एक सपना था, जिसे सरकार ने साकार कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि आज गरीब कन्याओं के विवाह में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर उनका सम्मान बढ़ा रहे हैं।

भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित यह कार्यक्रम गरीब बेटियों के हाथ पीले करने का सशक्त माध्यम है और मिशन शक्ति की भावना को साकार करता है।

कार्यक्रम के दौरान प्रतीकात्मक रूप से पांच चयनित जोड़ों को विवाह प्रमाण पत्र और उपहार सामग्री प्रदान की गई। इसके साथ ही प्रभारी मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों ने बाल विवाह रोकने के उद्देश्य से जागरूकता प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया गया।

इस अवसर पर सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, भाजपा नेता शारदेंदु पाठक, अशोक कुमार भारती, पूर्व विधान परिषद सदस्य जितेंद्र यादव, जिलाधिकारी अवनीश राय, सीडीओ केशव कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें: लखनऊ में 77वां गणतंत्र दिवस: विधानभवन में भव्य समारोह, राज्यपाल ने फहराया तिरंगा