Lucknow। ब्रिटिश काल से लेकर मॉडर्न इंडिया की रेलवे तकनीक पर आधारित रेल कोच फैक्ट्री रायबरेली के महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा की पुस्तक रेल थ्रू राज का लखनऊ में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने विमोचन किया। पुस्तक में ब्रिटिश हुकूमत द्वारा स्थापित की गई रेलवे के जिक्र के साथ ही वंदे भारत तक के भारत में रेलवे की बढ़ती तकनीक और उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है। पुस्तक के लेखक प्रशांत कुमार मिश्रा ने कहा कि उन्होंने कड़ी मशक्कत और रिसर्च के बाद इसमें उन पहलुओं को शामिल किया है जो आर्काइव में उपलब्ध हैं। विमोचन के अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस पुस्तक के जरिए लोगों को रेलवे के इतिहास के बारे में सटीक और सही जानकारियां उपलब्ध होगी।
रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्टरी के महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक “रेल थ्रू राजः ईस्ट इंडियन रेलवे (1841–1861)” का विमोचन शनिवार को गोमतीनगर के यूनिवर्सल बुकस्टोर में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुस्तक का विमोचन करते हुए लेखक की लेखन शैली की प्रशंसा की और इसे शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी दस्तावेज बताया।

मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पुस्तक का विमोचन कर लेखन शैली की सराहना की। उन्होंने पुस्तक को ऐसा दस्तावेज बताया, जो शोधार्थियों के काम आएगा। लेखक एवं रेलवे अधिकारी प्रशांत कुमार मिश्र ने बताया कि यह कृति ईस्ट इंडियन रेलवे के आरंभिक दो दशकों का विस्तृत, तथ्यपरक और शोध आधारित विवरण प्रस्तुत करती है। यह सिर्फ रेल परिचालन की कहानी नहीं, बल्कि उस दौर के साम्राज्य, विरोध और उस रेल मार्ग की गाथा है, जिसने पूरे उपमहाद्वीप को जोड़ने का कार्य किया।

कार्यक्रम में रेलवे अधिकारी अष्टानंद पाठक ने रेल कोच फैक्टरी की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। बताया गया कि इससे पहले भी प्रशांत कुमार मिश्र की हाईवेज ऑफ हिंदुस्तान और ट्रैक्स ऑफ नेसेसिटीः रेलवेज, फैमाइन एंड एम्पायर इन द डेक्कन जैसी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वहीं टेल्स फ्रॉम रेल्स में उनकी 32 कहानियों का संग्रह शामिल है।
इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य आलोक जौहरी सहित अतुल्य सिन्हा, एसके कटियार, अनिल श्रीवास्तव, गौरव प्रकाश, मानव प्रकाश और चंद्र प्रकाश मौजूद रहे। लेखक प्रशांत कुमार मिश्र के साथ पुस्तक संवाद वरिष्ठ पत्रकार नंदिनी ने किया।


