Meerut में थाना सदर बाजार पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में सेना भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के चार शातिर आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि अन्य कई आरोपी फरार हैं। आरोपी फर्जी दस्तावेज और एडमिट कार्ड तैयार कर अभ्यर्थियों से रुपये ठगते थे। 18 जनवरी को मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को कैंट रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा गया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। सेना में भर्ती होने का सपना दिखाकर युवकों से ठगी करने वाला गिरोह खुद को सेना का अफसर और डॉक्टर बताकर बड़ा खेल खेल रहा था। यह गिरोह न सिर्फ फर्जी भर्ती का झांसा देता था, बल्कि खुद ही फिजिकल और मेडिकल जांच भी करता था। बाद में युवकों को पास बताकर फर्जी प्रवेश पत्र थमा दिए जाते थे और पूरी रकम पहले ही वसूल ली जाती थी। अब इस शातिर गिरोह का भंडाफोड़ हो गया है।
चार आरोपी गिरफ्तार, सीधे जेल भेजे गए
रविवार रात इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि सोमवार को एक और आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पकड़े गए चार आरोपियों में अकबरपुर बुकलाना सिंभावली जिला हापुड़ निवासी रोहित उर्फ पुष्पेंद्र गिरी, कंसाला रोहतक निवासी बिजेंद्र शर्मा, जीरकपुर मोहाली पंजाब निवासी हरजीत सिंह उर्फ करण और राजपुर किला परीक्षितगढ़ निवासी नीरज गिरी शामिल हैं।

मास्टरमाइंड समेत छह आरोपी अब भी फरार
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने पुलिस लाइंस में प्रेस वार्ता कर बताया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड दिल्ली निवासी प्रदीप राठी है। इसके अलावा सतीश कुमार, धर्मेंद्र, प्रताप समेत छह आरोपी अभी फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

फर्जी एडमिट कार्ड से खुला ठगी का राज
एसपी सिटी ने बताया कि रविवार को सेना भर्ती कार्यालय पर फॉलोअर भर्ती की लिखित परीक्षा थी। परीक्षा देने पहुंचे 19 युवकों के प्रवेश पत्र जब चेक किए गए तो वे फर्जी निकले। तुरंत मिलिट्री इंटेलिजेंस और सदर बाजार थाना पुलिस को सूचना दी गई। जांच में पता चला कि सभी युवकों से सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी की गई है।
19 युवकों से 13 लाख रुपये की ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ने कुल 19 युवकों से करीब 13 लाख रुपये की ठगी की है। युवकों को भरोसा दिलाया गया कि उनकी भर्ती पक्की है। फर्जी फिजिकल और डॉक्टरी जांच के बाद उन्हें पास घोषित कर दिया जाता था। इसके बाद सेना की मुहर लगे फर्जी प्रवेश पत्र देकर आरोपी फरार हो जाते थे।
14 फर्जी प्रवेश पत्र और सेना की मुहर बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 14 फर्जी प्रवेश पत्र और सेना की नकली मुहर बरामद की है। इससे साफ हो गया कि गिरोह पूरी प्लानिंग के साथ काम कर रहा था। मामले में ठगी का शिकार हुए फतेहगढ़ निवासी कुमार सौरभ पांडे, कन्नौज निवासी उमाकांत और अनुराग ने सदर बाजार थाने में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई हैं।
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ठगी का शिकार बना, फिर खुद बन गया ठग
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपी रोहित उर्फ पुष्पेंद्र गिरी से जुड़ा है। एसपी सिटी ने बताया कि रोहित खुद पहले ऐसी ही ठगी का शिकार हो चुका था। कुछ समय तक उसने रुड़की में सेना में आउटसोर्स के जरिए काम भी किया। बाद में वह इसी गिरोह के संपर्क में आया और खुद युवकों से ठगी करने लगा। जांच में उसके बैंक खाते में करीब ढाई लाख रुपये की रकम मिली है। एसपी सिटी ने बताया कि यह गिरोह काफी समय से युवकों को ठग रहे थे। रुपये लेकर भाग जाते थे।