लखनऊ। नव वर्ष की पूर्व संध्या पर युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए बुधवार को एक विशाल नशामुक्त पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा का नेतृत्व पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने किया।
शहीद स्मारक से महात्मा गांधी प्रतिमा तक
पदयात्रा शहीद स्मारक से शुरू होकर हजरतगंज चौराहा होते हुए जीपीओ स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंची। इस दौरान पुरुष और महिला दोनों ही समूहों ने नशे के खिलाफ जोरदार नारे लगाए और युवाओं में इससे दूर रहने की चेतना जगाई।
कौशल किशोर का संदेश
पदयात्रा के दौरान कौशल किशोर ने कहा, “हमारा मकसद नई पीढ़ी को नशे से बचाना है। जब तक युवा नशामुक्त नहीं होगा, तब तक विकसित भारत की कल्पना बेमानी साबित होगी।” उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने बच्चों और आसपास के युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने में मदद करें।
युवाओं में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
पदयात्रा में शामिल लोगों ने न सिर्फ नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी साझा की, बल्कि जागरूकता फैलाने के लिए स्लोगन, बैनर और पोस्टर्स का भी इस्तेमाल किया। इसके अलावा, इस अभियान के माध्यम से युवाओं को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया।
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स्थानीय लोगों की भागीदारी
पदयात्रा में स्थानीय नागरिकों की बड़ी संख्या मौजूद रही। लोगों ने कहा कि ऐसे कदम युवाओं में सकारात्मक सोच और नशे के प्रति सजगता लाते हैं।
नव वर्ष की पूर्व संध्या पर यह पदयात्रा न सिर्फ युवाओं के लिए एक चेतावनी संदेश है, बल्कि पूरे समाज में नशा मुक्त भारत की ओर एक छोटा, लेकिन महत्वपूर्ण कदम भी है।