PM Modi ने आज असम के डिब्रूगढ़ जिले में 10,601 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले उर्वरक प्लांट की आधारशिला रखी। इस अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने असम को एक नए विकास युग में प्रवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज असम और पूरे पूर्वोत्तर के लिए ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि यहां के लोग लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार कर रहे थे। पीएम मोदी ने कहा, "असम आज औद्योगिक प्रगति का एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। हम इसे और आगे ले जाएंगे और असम को एक शक्तिशाली राज्य बनाएंगे।"
प्रधानमंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि असम को पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनानी है और राज्य में हो रहे नए औद्योगिक निवेश और विकास से यह संभव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि असम का विकास अब एक नई रफ्तार पकड़ चुका है और यह केवल शुरुआत है। प्रधानमंत्री ने असम को “वीरों की धरती” बताते हुए यहां के लोगों की उत्साही भागीदारी को सराहा। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने इस जनसभा में हिस्सा लिया, जो राज्य की शक्ति और विकास की ओर इशारा करता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पंडाल के भीतर मौजूद लोगों से कहीं ज्यादा संख्या में लोग बाहर खड़े हैं, जो असम की जनता के उत्साह और विश्वास को दर्शाता है।

असम को विकसित भारत में एक प्रमुख भूमिका देने की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री मोदी ने अहोम साम्राज्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय असम की जो भूमिका और ताकत थी, उसी प्रकार असम को विकसित भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने राज्य में नए उद्योगों की शुरुआत, उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, कृषि क्षेत्र में नए अवसर, और श्रमिकों की उन्नति पर जोर दिया। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि पर्यटन क्षेत्र में असम की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और राज्य हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है।
किसानों के लिए सरकार की प्राथमिकताएं
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के किसानों को इस नए फर्टिलाइजर प्लांट और गुवाहाटी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनके हितों के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि असम के नामरूप क्षेत्र में दशकों तक खाद का उत्पादन होता रहा है, लेकिन पुरानी तकनीक के कारण कई फैक्ट्रियां बंद हो गईं। कांग्रेस सरकार ने इस दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। अब उनकी सरकार ने नई योजनाओं के तहत इस समस्या का समाधान किया है।

कांग्रेस पर प्रहार: पीएम मोदी ने की आलोचना
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में यूरिया की कमी और फैक्ट्रियों की बंदी जैसी समस्याएं आम थीं। “कांग्रेस के दौर में यूरिया के लिए किसानों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था, जबकि हमारी सरकार ने कई नए फर्टिलाइजर प्लांट शुरू किए हैं और इस क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा दिया है,” प्रधानमंत्री ने कहा।
भारत के यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री मोदी ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 2014 में भारत में यूरिया का उत्पादन केवल 225 लाख मीट्रिक टन था, जो अब बढ़कर करीब 306 लाख मीट्रिक टन हो गया है। हालांकि, देश की कुल जरूरत करीब 380 लाख मीट्रिक टन की है और इस अंतर को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने भरोसा जताया कि किसानों के आशीर्वाद और सरकार की साझा मेहनत से यह लक्ष्य शीघ्र ही पूरा होगा।
असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के असम दौरे का आज दूसरा अंतिम दिन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज असम के गोवाहाटी स्थित शहीद स्मारक क्षेत्र पहुंच कर असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को नमन किया। यह स्मारक साल 1979 में शुरु हुए असम आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों की स्मृति में बना हुआ है। वहीं शहीदों की दीर्घा है जिसका प्रधानमंत्री ने अवलोकन किया। आंदोलन छह साल चला 1985 में खत्म हुआ। उस दौरान शहीद हुए लोगों की प्रतिमाएं दीर्घा में लगी हुई है।
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