गाजियाबाद के लोनी में नकली दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़, करोड़ों की दवाइयां जब्त

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गाजियाबाद (Ghaziabad) के लोनी इलाके में नकली दवाओं की फैक्ट्री का बड़ा खुलासा हुआ है... पुख्ता सूचना के आधार पर प्रशासन और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की और बड़े पैमाने पर नकली दवाओं का जखीरा बरामद किया... फैक्ट्री के भंडाफोड़ के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है... यह पता लगाया जा रहा है कि यहां तैयार नकली दवाइयां किन रास्तों से और किन इलाकों में सप्लाई की जाती थीं... छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों से भी गहन पूछताछ की गई है...

उत्तर प्रदेश के Ghaziabad जिले के लोनी क्षेत्र स्थित मीरपुर गांव में प्रशासन, औषधि विभाग और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली दवाइयों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस छापेमारी में भारी मात्रा में नकली दवाइयां, दवाओं का कच्चा माल, पैकिंग और सीलिंग मशीनें तथा विभिन्न नामी कंपनियों के लेबल और रैपर बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

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अधिकारियों ने मौके से श्रीराम और गौरव नामक दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इनमें से एक आरोपी दवाओं की सप्लाई से जुड़ा हुआ था। पुलिस को आशंका है कि इस फैक्ट्री से उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत कई अन्य राज्यों में बड़े पैमाने पर नकली दवाइयों की आपूर्ति की जा रही थी। फिलहाल दोनों आरोपियों से गंभीर पूछताछ की जा रही है और उनके अन्य साथियों की तलाश तेज कर दी गई है।

जांच में सामने आया है कि यह फैक्ट्री सितंबर महीने से संचालित हो रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में जो सबूत मिले हैं, वे यह संकेत देते हैं कि यहां अलग-अलग नामों से नामी दवा कंपनियों की नकली दवाइयां तैयार की जा रही थीं। इन दवाओं को असली बताकर बाजार में सप्लाई किया जाता था, जिससे आम लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।

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छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में तैयार नकली दवाइयों के साथ-साथ दवाओं का कच्चा माल भी बरामद किया गया है। इसके अलावा पैकिंग और सीलिंग मशीनें, प्रिंटेड लेबल, रैपर और अन्य उपकरण मिले हैं, जिनका इस्तेमाल नकली दवाओं को असली जैसा दिखाने के लिए किया जाता था। फैक्ट्री के इलाके को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।

औषधि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री से बरामद दवाइयों के सैंपल गुणवत्ता और रासायनिक संरचना की जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन नकली दवाओं से लोगों की सेहत को कितना बड़ा नुकसान हो सकता था। यदि दवाएं अत्यधिक हानिकारक पाई जाती हैं, तो आरोपियों के खिलाफ और सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई से पहले भी गाजियाबाद पुलिस ( Ghaziabad Police ) ने 3 नवंबर को करीब तीन करोड़ रुपये का नकली कफ सिरप जब्त किया था, जिसके तार विभिन्न राज्यों और बांग्लादेश से जुड़े पाए गए थे। ऐसे में अधिकारियों को आशंका है कि नकली दवाइयों की आपूर्ति का यह एक बड़ा और संगठित नेटवर्क हो सकता है, जिसे अच्छे तरीके से उजागर किया जाएगा।

फिलहाल पुलिस सप्लाई चैन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि नकली दवाइयां किन-किन इलाकों में भेजी जा रही थीं और इस रैकेट में कौन-कौन लोग शामिल हैं। फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

यह भी पढे़ – भदोही में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई, 1 करोड़ की MDMA के साथ तस्कर गिरफ्तार

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