Delhi-NCR में एक बार फिर प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, AQI 400 के पार जाते ही GRAP-3 लागू कर दिया गया है, जिससे BS-3, BS-4 डीजल वाहनों और गैर-जरूरी निर्माण कार्यों पर रोक लगी है। बढ़ते प्रदूषण के बीच बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का कहर फिर से चरम पर है। AQI के 400 के पार पहुंचने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट के निर्देशों पर फिर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान GRAP का तीसरा चरण लागू कर दिया गया है। इसका मतलब है कि राजधानी और आस-पास के इलाकों में कई सख्त प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। इन प्रतिबंधों का सीधा असर आम जनजीवन पर भी पड़ेगा। क्या हैं ग्रैप-3 की पाबंदियां, आइए इसे भी जानते हैं..
क्या हैं ‘GRAP-3’ की पाबंदियां
– दिल्ली के अंदर और आसपास के इलाकों में डीजल बसों पर रहेगी रोक
– क्लास 5 तक के स्कूल होंगे बंद, ऑनलाइन होगी बच्चों की पढ़ाई
– स्टोन क्रशर और खनन संबंधी गतिविधियों पर रहेगी रोक
– इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटरों पर रहेगी रोक
– कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मोड में काम करने की सलाह
– ध्वस्तीकरण, गैर जरूरी निर्माण कार्य और BS-3 और BS-4 डीजल वाहनों पर होगी रोक
– सीमेंट, बालू जैसे सामानों की ट्रकों से आवाजाही पर लग जाएगी रोक
दिल्ली में 12 दिसंबर को शाम 4 बजे AQI 349 था, जो रातभर तेज़ी से बढ़ते हुए 13 दिसंबर सुबह 10 बजे 401 दर्ज किया गया। कम हवा की रफ़्तार, स्थिर वायुमंडलीय स्थिति और प्रतिकूल मौसम को AQI बढ़ने की मुख्य वजह बताया गया। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को घर से बाहर निकलने में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह और देर शाम खुली हवा में घूमने से बचें और घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें।
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