Ayodhya Deepotsav 2026 : राम नगरी अयोध्या में इस बार 10वां दीपोत्सव बेहद ऐतिहासिक और अलौकिक अंदाज में मनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इस आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। सरयू नदी के तटों से लेकर पूरी अयोध्या नगरी को खूबसूरत रोशनी और फूलों से सजा दिया गया है। इस बार का दीपोत्सव एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने जा रहा है, जिसको लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
अयोध्या भव्य दीपोत्सव 2026
अयोध्या में इस बार सरयू के 56 घाटों पर 30 से 33 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस महा-अभियान को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय, कॉलेजों और स्वयंसेवी संस्थाओं के करीब 35 हजार स्वयंसेवकों ने दिन-रात एक करके सभी घाटों पर दीये सजाए हैं। शुक्रवार को राम की पैड़ी समेत सभी प्रमुख घाटों पर दीपोत्सव की फाइनल रिहर्सल पूरी की गई, जिसके बाद मुख्य आयोजन के दिन सरयू का तट लाखों दीयों की रोशनी से जगमगा उठेगा।
किस साल कितने जले दीये: दीपोत्सव का बढ़ता कीर्तिमान
साल 2017 में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से शुरू हुआ दीपोत्सव का यह सफर हर साल नए कीर्तिमान गढ़ता जा रहा है। यदि आंकड़ों पर नजर डालें तो:
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2021: 9.41 लाख दीये
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2022: 15.76 लाख दीये
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2023: 22.23 लाख दीये
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2024: 25.12 लाख दीये
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2025: 26.17 लाख दीये
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2026: 30 से 33 लाख दीये (प्रस्तावित रिकॉर्ड)
2100 ड्रोन से रामायण शो और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
इस बार दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण राम की पैड़ी पर आयोजित होने वाला 2,100 ड्रोन का विशेष लेजर और ड्रोन शो है, जिसके जरिए आकाश में प्रभु श्री राम के जीवन और रामायण के प्रसंगों को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा। वहीं, आयोजन की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरी अयोध्या नगरी को 20 जोन और 53 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां यूपी पुलिस, पीएसी, सीआरपीएफ, बम निरोधक दस्ता और फायर ब्रिगेड की टीमें 24 घंटे तैनात रखी गई हैं।







