Bhutan Buddhist Stupa PM Modi: भारत और भूटान के रिश्ते हमेशा से ही बहुत खास और आपसी विश्वास वाले रहे हैं। दोनों देशों के बीच केवल राजनीतिक संबंध ही नहीं, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक डोर भी जुड़ी हुई है। हाल ही में इस दोस्ती को एक नया और बेहद अनूठा आयाम मिला है। भूटान के राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक अत्यंत पवित्र बौद्ध स्तूप समर्पित किया है, जो दोनों देशों के बीच के मजबूत रिश्तों की एक और मिसाल पेश करता है। आइए जानते हैं इस खास आयोजन से जुड़ी पूरी बात।
गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में भव्य समारोह
यह पूरा आयोजन भूटान के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में हुआ, जहां ‘ल्हाबाब डुचेन’ के पावन अवसर पर एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू (Kiren Rijiju) विशेष रूप से शामिल हुए। वहां पारंपरिक बौद्ध वाद्ययंत्र ‘डुंगचेन’ की गूंज के बीच 108 स्तूपों की स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा की गई। बौद्ध परंपरा में स्तूप को केवल एक स्मारक नहीं माना जाता, बल्कि इसे बुद्ध के प्रबुद्ध मन का भौतिक स्वरूप कहा जाता है। इस ऐतिहासिक मौके पर भारत की ओर से गहरी मित्रता का संदेश दिया गया।
भारत-भूटान मित्रता और अनूठा सम्मान
समारोह के दौरान भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 108 में से 76वां अत्यंत पवित्र बौद्ध स्तूप समर्पित किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने इस सम्मान के लिए भूटान के राजा का आभार जताया। महारानी ग्याल्त्सुएन, प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और भूटान के लोगों काे नमन किया। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं और दोनों देशों की अनूठी व स्थायी साझेदारी के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। मध्यरात्रि के बाद काम शुरू करके 40,000 से अधिक स्वयंसेवकों, भिक्षुओं और कारीगरों ने सिर्फ छह घंटों में 108 बौद्ध स्तूपों का निर्माण कर दिया। यह पूरा आयोजन दोनों देशों के गहरे और अनूठे संबंधों का जीवंत उदाहरण बना।
यह भी पढ़ें: Pune Metro Pink Line: PM Modi ने किया उद्घाटन, हिंजवड़ी से शिवाजीनगर का सफर अब होगा और भी आसान







