Cyclone Murasu: बंगाल की खाड़ी में उठा मौसम का मिजाज एक बार फिर खतरनाक रूप लेता दिख रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु के तटीय इलाकों के लिए चक्रवात की गंभीर चेतावनी जारी की है। खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव अब चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Cyclone Murasu) में बदल चुका है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की सांसें थम गई हैं।
अगर आप भी तटीय इलाकों के आसपास रहते हैं या सफर की योजना बना रहे हैं, तो मौसम विभाग के इस ताजा अपडेट पर नजर रखना आपके लिए बेहद जरूरी है।
आंध्र प्रदेश चक्रवात अलर्ट: जानिए कब और कहां टकराएगा ‘मुरासु’ तूफान
आईएमडी के ताजा बुलेटिन के अनुसार, पिछले कुछ घंटों में यह सिस्टम 23 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। फिलहाल ‘मुरासु’ चेन्नई से लगभग 560 किमी और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से 660 किमी दूर केंद्रित है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि सोमवार सुबह तक यह और अधिक तीव्र होकर ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ का रूप धारण कर लेगा। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 से 3 नवंबर की दरमियानी रात (नेल्लोर और नरसपुर के बीच) 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तटीय क्षेत्र से टकराएगा। इस दौरान हवा के झोंके 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
IMD मौसम चेतावनी 2026: ‘अर्नब’ के जख्म भरे भी नहीं थे कि आ गया नया संकट
आंध्र प्रदेश के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि एक हफ्ते से भी कम समय में राज्य को झेलने वाला यह दूसरा चक्रवाती तूफान है। इससे ठीक पहले 28 अक्टूबर को बेहद भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (cyclone arnab) ने नरसपुर के पास भारी तबाही मचाई थी। 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने 7 लोगों की जान ले ली थी और बिजली के खंभे व सड़कें उखाड़ फेंकी थीं।
‘अर्नब’ के कारण करीब 4,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था और हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई थी। अभी केंद्रीय टीम उस नुकसान का जायजा ले ही रही थी कि ‘मुरासु’ के रूप में एक और बड़ी आपदा का खतरा मंडराने लगा है। एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।







