Ayodhya Deepotsav 2026 : दीपोत्सव-2026 के अवसर पर रामनगरी अयोध्या में इस बार भी रोशनी और भव्य आयोजनों का विशेष आकर्षण देखने को मिलेगा। दीपावली की पूर्व संध्या पर सरयू तट दीयों की रोशनी से जगमगाएगा, वहीं आसमान में 2,100 ड्रोन के जरिए रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इस विशेष एरियल ड्रोन शो में प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान से जुड़े कई दृश्य प्रदर्शित किए जाएंगे। यह भव्य ड्रोन शो 07 और 08 नवंबर को आयोजित होगा। इसमें ‘मेड इन इंडिया’ तकनीक से निर्मित 2,100 ड्रोन आसमान में एक साथ उड़ान भरेंगे। लगभग 15 मिनट तक चलने वाली इस प्रस्तुति में कम से कम 15 अलग-अलग ड्रोन फॉर्मेशन देखने को मिलेंगे। इनके माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों और धार्मिक प्रतीकों को आकर्षक आकृतियों के रूप में आसमान में उकेरा जाएगा।
रामायण के प्रसंगों से सजेगा अयोध्या का आसमान
इस बार ड्रोन शो में कई विशेष दृश्य शामिल किए गए हैं। आसमान में वीर मुद्रा में प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की आकृतियां दिखाई देंगी। इसके अलावा रावण वध, पुष्पक विमान, दीपोत्सव और राम दरबार जैसे प्रसंग भी प्रदर्शित किए जाएंगे। हनुमान, महर्षि वाल्मीकि और गोस्वामी तुलसीदास की आकृतियां भी इस प्रस्तुति का हिस्सा होंगी। धार्मिक और सांस्कृतिक प्रसंगों के साथ इस बार राम मंदिर की आकृति भी आसमान में नजर आएगी। इसके अलावा दीपोत्सव, उत्तर प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग के लोगो भी ड्रोन के माध्यम से प्रदर्शित किए जाएंगे। इस तरह श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रामायण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को एक अलग अंदाज में देखने का अवसर मिलेगा।
पिछले साल से अलग होगी इस बार की प्रस्तुति
दीपोत्सव-2026 के ड्रोन शो में नवीनता को विशेष प्राथमिकता दी गई है। पर्यटन विभाग के निर्देश पर इस बार शो की पूरी रूपरेखा में बदलाव किया गया है। इसके तहत स्टोरीबोर्ड, स्क्रिप्ट, संगीत और वॉयस ओवर को नए तरीके से तैयार किया जाएगा। आसमान में बनने वाली आकृतियों को भी पहले की प्रस्तुति से अलग रखा जाएगा। इस बार तैयार किए जाने वाले कम से कम 15 फॉर्मेशन में आधे से अधिक पिछले वर्ष के मुकाबले बिल्कुल नए होंगे। इससे लगातार दो शाम आयोजित होने वाले इस शो में दर्शकों को अलग-अलग दृश्य देखने को मिलेंगे। दीपोत्सव के दौरान जहां सरयू तट पर लाखों दीपों की रोशनी आकर्षण का केंद्र बनेगी, वहीं 2,100 ड्रोन से सजा आसमान अयोध्या के उत्सव को एक विशेष दृश्यात्मक स्वरूप प्रदान करेगा।







