Varanasi Garment Factory : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वाराणसी में अरविंद लिमिटेड की नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन किया। इस फैक्ट्री के शुरू होने से बनारस और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। करीब 150 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार इस इकाई में 1,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकता है। खास बात यह है कि यहां बड़ी संख्या में महिलाओं को भी काम करने का अवसर मिलने की संभावना है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सरकारी अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस परियोजना को वाराणसी में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वाराणसी के औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित यह इकाई उत्तर प्रदेश में अरविंद लिमिटेड की पहली विनिर्माण इकाई है। करीब 5.5 एकड़ क्षेत्र में फैले इस संयंत्र का निर्मित क्षेत्र लगभग 65,000 वर्ग फुट है। यहां आधुनिक मशीनों और स्वचालित सिलाई तकनीक की मदद से निटवियर यानी बुने हुए कपड़ों से परिधान तैयार किए जाएंगे। संयंत्र की संभावित राजस्व क्षमता 250 करोड़ रुपये बताई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन के बाद फैक्ट्री का दौरा किया और वहां लगी आधुनिक मशीनों तथा उत्पादन सुविधाओं को देखा। कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें इकाई की कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
यूपी में रोजगार: महिलाओं को भी मिलेगा अवसर
इस परियोजना की सबसे खास बात रोजगार सृजन है। कंपनी के मुताबिक, फैक्ट्री में 1,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। इनमें महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी रहने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर फैक्ट्री खुलने से युवाओं को अपने क्षेत्र के आसपास काम करने का अवसर मिल सकता है। इससे रोजगार के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कुछ लोगों के लिए कम हो सकती है।
इसके अलावा, उत्पादन बढ़ने के साथ परिवहन, सामान की आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स और दूसरी स्थानीय सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। फैक्ट्री के संचालन के लिए जरूरी कौशल विकसित करने से स्थानीय कामगारों के प्रशिक्षण के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
वाराणसी गारमेंट फैक्ट्री से टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा
अरविंद लिमिटेड के चेयरमैन संजय लालभाई ने कहा कि वाराणसी में इस इकाई की शुरुआत कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि लालभाई समूह की यात्रा वर्ष 1897 में शुरू हुई थी और समूह लंबे समय से औद्योगिक विकास में योगदान देता रहा है। कंपनी के वाइस चेयरमैन पुनीत लालभाई के अनुसार, भारत के पास वस्त्र उत्पादन की मजबूत क्षमता है। कुशल कामगारों, आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार में बढ़ती मांग के कारण भारतीय परिधान उद्योग के सामने नए अवसर हैं। वाराणसी की यह इकाई कंपनी को अपने तैयार परिधानों के कारोबार का विस्तार करने में मदद करेगी। यहां कंपनी अपने निटेड फैब्रिक से कपड़े तैयार कर सकेगी। इससे उत्पादन प्रक्रिया को अधिक एकीकृत बनाने और ग्राहकों को विभिन्न प्रकार के उत्पाद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
आधुनिक मशीनों के साथ श्रमिकों की सुविधाओं पर ध्यान
फैक्ट्री को उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और श्रमिक कल्याण को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। स्वचालित मशीनों से बड़े पैमाने पर उत्पादन और कपड़ों की गुणवत्ता में एकरूपता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कंपनी ने कर्मचारियों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था भी की है। उत्पादन गतिविधियां बढ़ने के साथ इन आवासीय सुविधाओं का विस्तार करने की योजना है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले कर्मचारियों को रहने की सुविधा मिल सकती है। कंपनी को उम्मीद है कि यह इकाई उसके गारमेंट कारोबार को मजबूत करेगी। साथ ही, यूरोप और ब्रिटेन जैसे बाजारों में उपलब्ध नए व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठाने में भी मदद मिल सकती है।
अरविंद लिमिटेड की इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल और परिधान निर्माण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक ढांचे और कौशल विकास पर जोर के बीच इस तरह की इकाइयां स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर पैदा कर सकती हैं। वाराणसी में फैक्ट्री शुरू होने से प्रत्यक्ष रोजगार के साथ स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं, परिवहन सेवाओं और छोटे कारोबारों के लिए भी काम बढ़ने की उम्मीद है।
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