Prayagraj Alop Shankari Shaktipeeth: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) में स्थित अलोपीबाग का श्री अलोप शंकरी शक्तिपीठ अपनी अनूठी परंपरा और आस्था के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां माता की कोई मूर्ति स्थापित नहीं है, बल्कि पवित्र लकड़ी के पालने और उसके नीचे स्थित कुंड की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां माता सती का दाहिना हाथ गिरा था, जिसके बाद यह स्थल अदृश्य रूप में शक्तिपीठ के रूप में स्थापित हुआ। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन सोमवार को इस पावन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
भक्तिमय माहौल और दर्शन की परंपरा
नवरात्रि के इस पवित्र अवसर पर अलोप बाग वार्ड संख्या 48 में स्थित इस शक्तिपीठ में दूर-दूर से भक्त पहुंच रहे हैं। पूरा मंदिर परिसर माता के जयकारों और भक्तिमय माहौल से गूंज रहा है। श्रद्धालु कतार में लगकर पूरी श्रद्धा के साथ माता के दरबार में मत्था टेक रहे हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर में आने वाले भक्त कुंड के जल को बेहद पवित्र मानते हैं। यहां मन्नत पूरी होने पर दूध, दही और मेवे अर्पित किए जाते हैं, वहीं नवदंपती सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद पाने के लिए भी विशेष रूप से पहुंचते हैं। इसके अलावा यहां मुंडन संस्कार और रक्षा सूत्र बांधने की भी प्राचीन परंपरा है।
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