Cabinet Decisions: केंद्र सरकार ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और छोटे कारोबारियों की मजबूती के लिए दो बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। केंद्रीय कैबिनेट ने एक तरफ इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी यानी ITLA के गठन को हरी झंडी दिखाई है, वहीं दूसरी तरफ स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज ग्रोथ फंड (SGF) के लिए 10,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। सरकार का इरादा साफ है कि देश में सड़कों, रेलवे, उड़ानों और जलमार्गों को आपस में जोड़कर ट्रांसपोर्ट की लागत घटाई जाए और साथ ही छोटे उद्योगों को आगे बढ़ने के लिए जरूरी पूंजी मुहैया कराई जाए। इस फैसले से किसान, व्यापारी और आम उपभोक्ता सभी को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल
फिलहाल हमारे देश में ट्रांसपोर्ट से जुड़े अलग-अलग काम सड़क, रेलवे, नागरिक उड्डयन और पोत परिवहन जैसे मंत्रालयों द्वारा अपने-अपने हिसाब से संचालित किए जाते हैं। कई बार इनके बीच बेहतर तालमेल न होने के कारण माल ढुलाई में समय और पैसा दोनों ज्यादा खर्च होते हैं। ITLA इसी कमी को दूर करने के लिए एक केंद्रीय संस्था के रूप में काम करेगी। इसका काम यह देखना होगा कि किसी माल को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए सबसे सस्ता और आसान रास्ता कौन सा है। जब सभी विभाग मिलकर एक एकीकृत योजना पर काम करेंगे, तो प्रोजेक्ट्स में बेवजह की देरी खत्म होगी।
#CabinetDecisions | केंद्रीय मंत्रिमंडल ने परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूत करने के लिए Integrated Transport & Logistics Authority (ITLA) को एक विशेष प्रयोजन इकाई (SPV) के रूप में स्थापित करने को मंजूरी दी।
ITLA के जरिए परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स से जुड़े अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को सुदृढ़ किया जाएगा। :- केन्द्रीय मंत्री @AshwiniVaishnaw
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— DD News UP (@DDNewsUP) October 6, 2026
लंबी अवधि का बनेगा नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान
ITLA की सबसे प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक होगी देश के लिए 10 साल या उससे अधिक अवधि का नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान तैयार करना। इसके तहत यह पहले से तय किया जाएगा कि आने वाले सालों में किस क्षेत्र में औद्योगिक या कृषि उत्पादन बढ़ने वाला है और वहां ट्रांसपोर्ट की क्या जरूरतें होंगी। इसके साथ ही 500 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की लागत वाले बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की तकनीकी जांच भी ITLA द्वारा की जाएगी, ताकि जनता के पैसे का सही इस्तेमाल हो सके।
डेटा के आधार पर तय होंगी ट्रांसपोर्ट नीतियां
इस नए सिस्टम के तहत FASTag, Vahan, GSTN e-way bill और GPS ट्रैफिक सिस्टम से मिलने वाले डेटा को एक जगह रिपॉजिटरी के रूप में एकत्र किया जाएगा। जब यह डेटा एक साथ विश्लेषित होगा, तो सरकार आसानी से पहचान सकेगी कि किस हाईवे पर गाड़ियों का दबाव अधिक है और कहां नए नेटवर्क की तत्काल आवश्यकता है। जब माल की आवाजाही में समय और ईंधन की बचत होगी, तो उत्पाद की कुल लागत घटेगी और आम उपभोक्ता तक सामान किफायती दामों में पहुंचेगा।
छोटे उद्योगों को मिलेगा 10,000 करोड़ का ग्रोथ सपोर्ट
लॉजिस्टिक्स में सुधार के साथ-साथ सरकार ने देश के छोटे और मझोले उद्योगों (SME) के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। 10,000 करोड़ रुपये के SGF फंड के माध्यम से उन छोटे उद्यमों को वित्तीय मदद दी जाएगी जो अपना विस्तार करना चाहते हैं, नई मशीनरी खरीदना चाहते हैं या उत्पादन क्षमता बढ़ाना चाहते हैं। यह राशि सीधे खातों में बांटने के बजाय एक ग्रोथ फंड के रूप में इस्तेमाल होगी, ताकि क्षमतावान छोटे कारोबारी नई ऊंचाइयों को छू सकें और देश में रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकें।
#CabinetDecisions | केंद्रीय मंत्रिमंडल ने SME Growth Fund की स्थापना के लिए ₹10,000 करोड़ की प्रतिबद्धता को मंजूरी दी।
इस फंड के जरिए लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) में प्रत्यक्ष इक्विटी निवेश किया जाएगा, ताकि उन्हें विस्तार और विकास के लिए पूंजी मिले और भविष्य के मजबूत उद्यम तैयार हो सकें। :- केन्द्रीय मंत्री @AshwiniVaishnaw
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