Prayagraj Flood : प्रयागराज में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा

Share This Article

Prayagraj Flood : मानसून की विदाई का समय आ गया है, लेकिन प्रयागराज में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सोमवार को गंगा का पानी बांध स्थित लेटे हनुमान मंदिर की चौखट तक पहुंच गया। ऐसे में मंदिर में हनुमान जी के दोबारा महास्नान की स्थिति बन सकती है। वहीं, केन, बेतवा और टोंस नदियों का पानी भी लगातार बढ़ रहा है। इससे संगम नगरी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के बाद 27 सितंबर को लोगों को थोड़ी राहत मिली। बारिश केवल मामूली बूंदाबांदी तक सीमित रही और कई जगह जलभराव की स्थिति भी कुछ बेहतर हुई। हालांकि, प्रयागराज में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। आसपास की नदियों में बढ़ता पानी एक बार फिर परेशानी बढ़ा सकता है।

गंगा यमुना जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी

गंगा और यमुना के साथ दूसरी नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। केन नदी का पानी सिर्फ 24 घंटे में करीब सात मीटर तक बढ़ गया। वहीं, कानपुर के पास से करीब 2.16 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। प्रयागराज में गंगा और यमुना के लिए खतरे का निशान 84.734 मीटर है। 26 सितंबर की रात आठ बजे यमुना का जलस्तर 78.09 मीटर दर्ज किया गया था। इसी समय गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 79.21 मीटर और छतनाग में 77.69 मीटर था।

24 घंटे में तेजी से बढ़ा पानी

27 सितंबर की रात तक यमुना का जलस्तर बढ़कर 79.46 मीटर पहुंच गया। यानी 24 घंटे में करीब 1.37 मीटर की बढ़ोतरी हुई। गंगा के जलस्तर में भी तेजी देखी गई। फाफामऊ में पानी 79.75 मीटर और छतनाग में 78.85 मीटर दर्ज किया गया। इस दौरान फाफामऊ में करीब आधा मीटर और छतनाग में 1.16 मीटर पानी बढ़ा।

प्रयागराज बाढ़ का खतरा इसलिए भी बना हुआ है क्योंकि केन और बेतवा नदियां पहाड़ी इलाकों का पानी लेकर लगातार आगे बढ़ रही हैं। बीते 24 घंटे में बेतवा का जलस्तर करीब एक मीटर और केन का लगभग सात मीटर बढ़ा। टोंस नदी में भी करीब 30 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। इन नदियों के बढ़ते जलस्तर का सीधा असर यमुना पर पड़ रहा है।

तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता

कानपुर स्थित बांध से गंगा में करीब 2,16,768 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस पानी को प्रयागराज तक पहुंचने में करीब तीन दिन लग सकते हैं। ऐसे में गंगा यमुना जलस्तर में आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी हो सकती है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है।

Read More : कुशीनगर बाढ़ पर CM योगी का बड़ा कदम, 5000 राहत पैकेट और NDRF-SDRF की तैनाती

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This