PM Modi News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के ग्रामीण और शहरी विकास को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत में गांवों और शहरों के बीच की दूरी और अंतर काफी हद तक समाप्त हुआ है। वर्ष 2014 में सरकार में आने के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार हुआ है, जिससे देश की महिलाओं में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास में भारी बढ़ोतरी देखी गई है।
प्रधानमंत्री वाराणसी से वडनगर और वडनगर से वाराणसी के बीच निकाली जा रही विशेष ‘सेवा यात्रा’ मोटरसाइकिल रैली के प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधा संवाद कर रहे थे।
पीएम मोदी सेवा यात्रा: सकारात्मक बदलाव और समाज सुधार पर जोर
प्रतिभागियों और देश के युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति केवल वोट बैंक के इर्द-गिर्द सिमट कर नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति का मुख्य उद्देश्य समाज में निरंतर सुधार लाना और सकारात्मक बदलाव के लिए काम करना होना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि जब जनसेवा का भाव निस्वार्थ होता है, तो उसका असर समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
वडनगर जन्मस्थान और काशी कर्मभूमि का अटूट रिश्ता
प्रधानमंत्री ने अपने जीवन में गुजरात के वडनगर और उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) के विशेष आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व का जिक्र किया:
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संस्कार और सेवा: पीएम मोदी ने कहा कि उनकी जन्मभूमि वडनगर ने उन्हें वे मौलिक संस्कार दिए, जिन्होंने उनके जीवन को आकार दिया। वहीं, उनकी कर्मभूमि काशी ने उन संस्कारों में जनसेवा के अनगिनत रंग जोड़ दिए।
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25 वर्षों की जनसेवा का पड़ाव: यह बाइक रैली प्रधानमंत्री मोदी के एक निर्वाचित प्रतिनिधि (मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री) के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है।
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76वें जन्मदिन पर शुरुआत: पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को वडनगर और वाराणसी से दो अलग-अलग दिशाओं में इन मोटरसाइकिल रैलियों को हरी झंडी दिखाई गई थी, जिनका औपचारिक समापन 7 अक्टूबर को होगा।
जमीनी स्तर पर सेवा और युवा सहभागिता
यह मोटरसाइकिल रैली गुजरात और उत्तर प्रदेश के अलावा रास्ते में पड़ने वाले कई राज्यों के कस्बों, जिलों और गांवों से होकर गुजर रही है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य केवल दूरी तय करना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर स्थानीय लोगों की मदद करना है।
यात्रा के दौरान युवा प्रतिभागी स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, अस्पतालों व अनाथालयों में सहायता, स्कूलों में पठन-पाठन सामग्री का वितरण और ग्राम सभाओं के साथ संवाद जैसी विभिन्न सामाजिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।

