Cyclone News : बंगाल की खाड़ी में बना मौसम सिस्टम अब डीप डिप्रेशन में बदल चुका है और उत्तर आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा के तट के करीब पहुंच गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 23 सितंबर की शाम तक यह सिस्टम उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास था और विशाखापट्टनम तथा गोपालपुर के बीच तट पार करने की प्रक्रिया में था। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है।
22 सितंबर को था डिप्रेशन
IMD के मुताबिक, 22 सितंबर को पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम डिप्रेशन के रूप में मौजूद था और अगले 12 घंटे में इसके डीप डिप्रेशन में बदलने का अनुमान था। इसके बाद सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा।
23 सितंबर को यह डीप डिप्रेशन बन गया और लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ता रहा। IMD के अनुसार, 23 सितंबर की शाम यह कलिंगपट्टनम से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, विशाखापट्टनम से करीब 90 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व और गोपालपुर से करीब 160 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश
इस मौसम सिस्टम के प्रभाव से उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। IMD के तटीय मौसम बुलेटिन के अनुसार दक्षिण ओडिशा के कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। समुद्र की स्थिति भी बहुत खराब से ऊंची रहने की चेतावनी दी गई है।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर पेड़ या बिजली के ढांचे को नुकसान पहुंचने जैसी स्थिति बन सकती है।
समुद्र में जाने से बचने की सलाह
डीप डिप्रेशन के प्रभाव से समुद्र में बहुत खराब स्थिति बनी हुई है। तटीय मौसम बुलेटिन में दक्षिण ओडिशा तट के लिए तेज हवाओं और खराब समुद्री परिस्थितियों की चेतावनी दी गई है। ओडिशा के बंदरगाहों पर स्थानीय सावधानी संकेत भी जारी रखा गया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रभावित तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए। मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
क्या यह चक्रवाती तूफान बनेगा?
शुरुआती अनुमान में इस सिस्टम के आगे चलकर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना को लेकर चर्चा थी, लेकिन IMD के मौजूदा बुलेटिन में इसे डीप डिप्रेशन के रूप में ही दर्ज किया गया है। इसलिए फिलहाल इसे चक्रवाती तूफान कहना सही नहीं होगा। मौसम विभाग लगातार इसकी दिशा और तीव्रता पर नजर बनाए हुए है। तट पार करने के बाद सिस्टम के कमजोर होने और इसके प्रभाव से बारिश की गतिविधियों में बदलाव आने की संभावना है।

