UP Food Safety Raid : अगर आप भी वीकेंड पर बाहर जाकर फास्ट फूड या रेस्टोरेंट का स्वादिष्ट खाना खाने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपको जरूर सतर्क कर देगी। उत्तर प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीमों ने ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत छापेमारी की। इस दौरान नामी-गिरामी रेस्टोरेंट्स और फास्ट फूड सेंटर्स के किचन से जो तस्वीरें और लापरवाही सामने आई हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं। कहीं किचन में कॉकरोच और कीड़े तैरते मिले, तो कहीं एक्सपायर्ड सामान से खाना पकाया जा रहा था। इस पूरे मामले में सख्त रुख अपनाते हुए विभाग ने 7 प्रमुख यूनिट्स के लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति कर दी है।
कानपुर टुंडे कबाबी न्यूज: गंदगी और बदबू के बीच रखा मिला कच्चा मांस
कानपुर नगर, आगरा, गाजियाबाद, प्रयागराज और वाराणसी में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत जब कानपुर के मशहूर ‘टुंडे कबाबी’ के आउटलेट पर जांच टीम पहुंची, तो वहां खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र (Food Processing Area) में भारी गंदगी मिली।
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वेजिटेरियन और नॉन-वेजिटेरियन का एक साथ रखरखाव: शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग रखने की कोई उचित व्यवस्था नहीं पाई गई।
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सड़न और बदबू: कच्चे मांस (Raw Meat) के रखरखाव में भारी लापरवाही मिली, वहीं आसपास की नालियां जाम होने के कारण तेज दुर्गंध आ रही थी, जिससे खाने के दूषित होने का बड़ा खतरा बना हुआ था।
शुद्ध ही शुभ है अभियान: वाराणसी के ‘वॉव मोमोज’ और आगरा में मिलीं गंभीर खामियां
वाराणसी में जब ‘वॉव मोमोज’ के सेंटर पर चेकिंग हुई, तो वहां पैक्ड फूड आइटम्स पर भविष्य की मैन्युफैक्चरिंग डेट (Advance Manufacturing Date) लिखी पाई गई, जो सीधे-सीधे ग्राहकों के साथ धोखा है। इसके अलावा परिसर से एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स और सॉस भी जब्त की गईं।
दूसरी ओर, आगरा के संजय पैलेस स्थित ‘अमृतसरी कुलचा’ में गंदे कागजों में खाना पैक किया जा रहा था। दीवारों की पपड़ी गिर रही थी और एक्सपायर्ड सामान का इस्तेमाल हो रहा था। अधिकारियों ने स्थिति सुधरने तक इसका संचालन तुरंत बंद करने का निर्देश दिया है।
रेस्टोरेंट खाद्य सुरक्षा जांच: गाजियाबाद के ‘नाथूस’ और ‘बीकानेरवाला’ में मिले कीड़े व कॉकरोच
गाजियाबाद के नामी रेस्टोरेंट्स में तो सफाई के सारे दावे हवा-हवाई साबित हुए:
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नाथूस (राज नगर): यहां ड्रेनेज नाली में गंदगी जमा थी, पूरे किचन में कीड़े और कॉकरोच घूम रहे थे। एक ही तेल का बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा था और बचे हुए खाने को खुले डिब्बों में रखा गया था।
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बीकानेरवाला (राजेंद्र नगर): यहां कीड़े-मकोड़ों का भयानक प्रकोप (Insect Infestation) मिला। बर्तन धोने वाला एरिया बेहद गंदा था, नाली चोक थी और कूड़ेदान खुले पड़े थे।
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अन्य आउटलेट्स: ‘एसी एंटरप्राइज’ के डीप फ्रीजर से मटन-चिकन का खून रिसता पाया गया, जबकि ‘फ्लॉको क्लॉक्ज’ में चिमनी और बर्तनों की सफाई पूरी तरह नदारद थी।
FSDA की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि ब्रांड चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, आम जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत की गई इस सख्त कार्रवाई से बाकी दुकानदारों में भी हड़कंप मच गया है। बाहर का खाना खाते समय अपने आसपास की साफ-सफाई पर जरूर ध्यान दें और किसी भी गड़बड़ी की शिकायत तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग से करें।



