Asian Games women: भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian women’s cricket team) ने एशियाई महाद्वीप में अपनी बादशाहत कायम रखते हुए एशियाई खेलों में एक बार फिर इतिहास रच दिया है। खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका (Srilanka) को 147 रन के भारी अंतर से करारी शिकस्त दी। इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारत ने लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों में महिला क्रिकेट स्पर्धा का स्वर्ण पदक (gold medal) अपने नाम किया।
मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने स्मृति मंधाना की तेज तर्रार पारी और ऋचा घोष की आक्रामक फिनिशिंग के दम पर बोर्ड पर 216/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह एशियाई खेलों के महिला क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर भी बन गया। इसके जवाब में 217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय स्पिनरों की कसी हुई गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी और महज 69 रन पर पूरी टीम सिमट गई।
Smriti Mandhana और Shafali Verma ने दी तूफानी शुरुआत
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाजों ने बेहद आक्रामक शुरुआत दिलाई। स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने मैच के पहले ही ओवर से अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे। उन्होंने सुगंधिका कुमारी के पहले ओवर में दो शानदार चौके जड़े और फिर तीसरे ओवर में लगातार दो छक्के लगाकर श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दूसरे छोर पर मौजूद शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने भी खुलकर हाथ दिखाए। दोनों ने मिलकर 5वें ओवर में श्रीलंकाई कप्तान चामरी अटापट्टू के ओवर में तीन छक्कों समेत 19 रन बटोरे।
पावरप्ले के अंत तक भारत ने बिना कोई विकेट गंवाए 67 रन बना लिए थे। 10वें ओवर में स्मृति मंधाना ने अपने T20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 37वां अर्धशतक पूरा किया। इसी दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 11,000 रन भी पूरे किए, जो महिला क्रिकेट में एक बड़ा मील का पत्थर है। भारत को पहला झटका 99 रन के कुल योग पर लगा, जब शेफाली वर्मा 29 गेंदों में 48 रन बनाकर आउट हुईं। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके और तीन छक्के लगाए।
मध्यक्रम का योगदान और ऋचा घोष का धमाकेदार अंत
शेफाली के पवेलियन लौटने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर मैदान पर आईं। उन्होंने स्मृति मंधाना के साथ मिलकर पारी को संभाला और दूसरे विकेट के लिए 42 रनों की साझेदारी की। हरमनप्रीत ने 17 गेंदों में 19 रन बनाए। 15वें ओवर में हरमनप्रीत का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आईं विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष। ऋचा ने आते ही बड़े शॉट्स लगाने शुरू कर दिए।
स्मृति मंधाना 45 गेंदों में 79 रनों की यादगार पारी खेलकर आउट हुईं, जिसमें उन्होंने 5 चौके और 7 गगनचुंबी छक्के लगाए। मंधाना के आउट होने के बाद भी ऋचा घोष ने रनों की रफ्तार कम नहीं होने दी। उन्होंने अंतिम ओवरों में मैदान के चारों तरफ आकर्षक शॉट्स खेले। ऋचा ने 22 गेंदों में 6 चौकों और 3 छक्कों की मदद से नाबाद 49 रन बनाए। अंतिम ओवर में 17 रन बटोरकर उन्होंने भारत का स्कोर 216 रन तक पहुंचाया।
भारतीय स्पिनरों के आगे ढेर हुई श्रीलंकाई बल्लेबाजी
217 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। तीसरे ही ओवर में शेफाली वर्मा ने इमेशा दुलानी को 3 रन के निजी स्कोर पर ऋचा घोष के हाथों स्टंप कराकर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद हसीनी परेरा भी खाता खोले बिना शेफाली का शिकार बनीं। हालांकि कप्तान चामरी अटापट्टू ने कुछ अच्छे शॉट्स जरूर लगाए और 21 गेंदों में 29 रन बनाए, लेकिन दीप्ति शर्मा ने उन्हें आउट कर श्रीलंका की बची-कुची उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
43 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद श्रीलंकाई मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह ढह गया। भारतीय स्पिनरों ने पिच की परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाया और रन गति पर अंकुश लगाने के साथ-साथ नियमित अंतराल पर विकेट चटकाए। श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी ने बीच के ओवरों में सटीक लाइन लेंथ से गेंदबाजी करते हुए श्रीलंकाई बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया।
लगातार गिरते रहे विकेट, 69 पर सिमटी पूरी टीम
Srilanka की टीम दबाव में इस कदर बिखरी कि उसके लगातार ओवरों में विकेट गिरते चले गए। 8वें ओवर में हर्षिता समरविक्रमा शून्य पर आउट हुईं, जबकि 9वें ओवर में हंसिमा करुणारत्ने 1 रन बनाकर पवेलियन लौटीं। 49 रन के स्कोर पर श्रीलंका का छठा विकेट गिरा जब दीप्ति ने कविशा दिलहारी (11) को आउट किया। इसके बाद निचले क्रम की बल्लेबाज भी भारतीय गेंदबाजों का सामना नहीं कर सकीं।
15वें ओवर में मिथाली अयोध्या के रन आउट होने से श्रीलंका का स्कोर 64 रन पर 9 विकेट हो गया। इसके बाद श्रेयंका पाटिल ने अंतिम विकेट लेकर श्रीलंकाई पारी का अंत कर दिया। श्रीलंका की पूरी टीम 15.4 ओवर में केवल 69 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा सबसे सफल गेंदबाज रहीं, जिन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 6 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं श्री चरणी ने 13 रन देकर 2, शेफाली वर्मा ने 3 रन देकर 2 और श्रेयंका पाटिल ने 9 रन देकर 2 विकेट हासिल किए।
पदक तालिका में भारत का बढ़ा मान
महिला क्रिकेट में मिला यह स्वर्ण पदक (gold medal) भारत के लिए बेहद खास है। इस जीत के साथ ही भारत ने मौजूदा एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले भारतीय एथलीट विभिन्न स्पर्धाओं में चार रजत और दो कांस्य पदक जीत चुके थे। इस जीत के बाद भारत की कुल पदक संख्या बढ़कर सात हो गई है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से पूरे देश में खुशी की लहर है और खिलाड़ियों के इस समर्पण की हर तरफ सराहना हो रही है।
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